भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: सही तरीक से केस को नहीं किया गया हैंडल, पुलिस ने मानी चूक

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jun 22, 2026, 3:49:00 PM

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है। दरअसल बिहार पुलिस की तरफ से पहली बार इस बात को स्वीकार किया गया है कि इस पूरे मामले में पुलिस के स्तर पर चूक हुई थी। 

सोमवार को पुलिस मुख्यालय में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने प्रेस से बातें करते हुए यह कहा कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 16 जून को जब पुलिस टीम पहुंची थी, तब इस पूरे मामले को सही तरीके से हैंडल नहीं किया गया। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों पर इस लापरवाही के लिए कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मामले में संबंधित थानेदार, दो दारोगा और एक सहायक अवर निरीक्षक के साथ एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का यह भी कहना था कि इस पूरे प्रकरण की निगरानी और पर्यवेक्षण अब शाहाबाद रेंज के डीआईजी को सौंप गई है साथ ही साथ एफएसएल और अन्य वैज्ञानिक जांच भी की जा रही है। पुलिस मुख्यालय इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है। एडीजी ने जानकारी दी कि मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी (एफआईआर संख्या 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं, जिनके विस्तृत बिंदुओं के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

एडीजी ने यह भी जानकारी दी कि हाई कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयुक्त का गठन किया गया है। आयोग पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र निष्पक्ष पारदर्शी तरीके से जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट को सरकार को सौंप देगा। उनका यह भी कहना था कि क्योंकि अब यह मामला आयोग के समक्ष विचारधीन है। इसलिए पुलिस हेड क्वार्टर इस संबंध में विस्तृत टिप्पणी नहीं करेगा। उनका यह भी कहना था कि किसी भी एनकाउंटर को पुलिस के उपलब्धि नहीं मानी जा सकती है। यदि किसी कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों के जीवन पर तत्काल खतरा उत्पन्न दिखाई देता है तो आत्मरक्षा में बल प्रयोग किया जाता है। ऐसी हालत में कानून पुलिस को सीमित अधिकार प्रदान करता है लेकिन हर मुठभेड़ की जांच जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित हो सकेगी कार्रवाई कानूनी धारा में हुई है। 

बता दे कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर के पूरे राज्य में राजनीतिक रूप से बवाल मचा हुआ है। एनडीए और अन्य घटक दल भी अब आमने-सामने आ गए हैं। इस मामले को लेकर के भरत तिवारी के पैतृक आवास पर विभिन्न पार्टी के नेताओं का भी दौरा लगातार जारी है। बहरहाल अब इस पूरे मामले को लेकर के सब की निगाहें अब न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट पर टिक गई है।

पटना से राजन की रिपोर्ट