बिहार में बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है. थानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी कोई सूचना मिलते ही तुरंत जांच की जाए. अगर कोई बच्चा 24 घंटे तक लापता रहता है तो केस दर्ज करना अनिवार्य होगा.
सीआईडी (कमजोर वर्ग) के एडीजी अमित कुमार जैन ने प्रेस वार्ता में बताया कि दो दिनों में बच्चा चोरी के पांच मामले सामने आए. इनमें मुजफ्फरपुर के दो, जबकि जमुई, पूर्णिया और नालंदा के एक-एक मामले शामिल हैं. जांच में ये सभी घटनाएं अफवाह साबित हुईं.
एडीजी ने कहा कि बच्चा चोरी की खबर तेजी से फैलती है. कुछ ही देर में भीड़ जुट जाती है. इससे मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. कई बार निर्दोष लोग भी भीड़ का शिकार हो जाते हैं. उन्होंने अपील की कि ऐसी स्थिति में डायल-112 या नजदीकी थाने को तुरंत सूचना दें. कानून हाथ में न लें.
गुमशुदा बच्चों की समस्या से निपटने के लिए राज्य में 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) गठित की गई हैं. इसके अलावा पटना, गया और दरभंगा में भी यूनिट काम कर रही है. पूर्णिया एयरपोर्ट पर नई यूनिट बनाने का प्रस्ताव है. चार महीने तक बच्चा नहीं मिलने पर मामला AHTU को ट्रांसफर कर दिया जाता है.
भारत सरकार के ‘वात्सल्य पोर्टल’ से सभी राज्यों के थाने जुड़े हैं. बिहार से लापता बच्चा यदि दूसरे राज्य में मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत मिल जाती है. इसके बाद पुलिस बच्चे को सुरक्षित वापस लाती है. पुलिस ने साफ कहा है कि अफवाह से बचें. सतर्क रहें, लेकिन संयम भी रखें.