बिहार ने एक और कीर्तिमान कायम किया है। दरअसल बिहार में एशिया का सबसे बडा शवदाह गृह बन कर तैयार हो चुका है। राजधानी में बने इस शवदाह गृह को करीब 90 करोड रूपये की लागत से तैयार किया गया है। नये शवदाह गृह को लगभग साढे चार एकड क्षेत्र में तैयार किया गया है। इसकी सबसे अहम और खास बात यह है कि यह देश का संभवत: पहला ऐसा शवदाह गृह होगा, जहां मोबाइल फोन पर शव को जलाने के लिए स्लॉट की बुकिंग की जा सकेगी।
राजधानी का ऐतिहासिक बांस घाट अब नयी कहानी सुनाने के लिए तैयार है। दरअसल यहां पुराने शवदाह गृह परिसर की तुलना में करीब साढे तीन गुना ज्यादा बडे शवदाह गृह का निर्माण किया गया है। यहां एक साथ 18 शव का दाह किया जा सकता है। यहां कई ऐसी सुविधाएं दी गयी हैं, जो देश के किसी शवदाह गृह में नहीं मिलती। यहां मोक्ष द्वार और बैकुंठ द्वार नाम से यह गेट बनाए गए हैं। यह देश का संभवत: सबसे आधुनिक शवदाहगृह माना जा रहा है। इस निर्माण पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको द्वारा किया गया है। यहां दो तालाब, मोक्ष द्वार, बैकुंठ द्वार और 12 फीट ऊंची आदिशक्ति प्रतिमा भी है। साथ ही आधुनिक-पारंपरिक ओवन, एसी वेटिंग हॉल, प्रार्थना कक्ष और विशाल पार्किंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
इस शवदाह गृह की सबसे खास बात यह है कि यहां शव को जलाने के लिए मोबाइल फोन के माध्यम से ही स्लॉट बुक किया जा सकता है। इसे घर या कहीं और से भी ऑपरेट किया जा सकता है। यहां कई ऐसी सुविधाएं हैं, जिसकी बुकिंग घर बैठे की जा सकती है। पटना नगर निगम की ओर से यह सुविधा व्हाट्सएप चैटबॉट, 24 घंटे हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जायेगी। हालांकि बताया जा रहा है कि अभी पोर्टल को विकसित किया जा रहा है। विकसित हो जाने के बाद व्हाट्सप्प से भी अंतिम संस्कार की बुकिंग की जा सकती है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, लोग व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 पर मैसेज कर सीधे स्लॉट बुक कर सकते हैं। यह चाटबॉट अभी एक्टिव बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिनों बाद इसमें अंतिम संस्कार बुकिंग वाली सुविधा भी जोड कर दी जायेगी। अंतिम संस्कार के बाद डेथ सर्टिफिकेट और बर्निंग सर्टिफिकेट भी ऑनलाइन जारी किया जाएगा। इस आधुनिक शवदाह गृह में यहां चार इलेक्ट्रिक ओवन, छह सेमी-इलेक्ट्रिक और आठ पारंपरिक चिताओं की व्यवस्था की गई है। इलेक्ट्रिक ओवन को गुजरात से मंगाया गया है। इस ओवन में आधे घंटे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। इस ओवन में विशेष इलेक्ट्रिक पैनल लगाया गया है।
अंतिम संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन के लिए यहां 45 मीटर और 65 मीटर के दो तालाब भी बनाये गये हैं। इस आधुनिक परिसर में तमिलनाडु के आदियोगी की तर्ज पर पंजाब के जालंधर के कारीगरों ने निर्माण किया है। पूरे परिसर में लाइटिंग की बेहतर व्यवस्था की गई है। आंध्र प्रदेश से करीब 12 हजार पौधों को लोकर कैंपस में लगाए गए हैं। यह सभी अलग अलग प्रजाति के हैं।