बिहार में पशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, 3.66 करोड़ पशुओं का हुआ टीकाकरण

बिहार में पशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, 3.66 करोड़ पशुओं का हुआ टीकाकरण

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 10, 2026, 4:53:00 PM

बिहार में पशुधन को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत खुरपका-मुंहपका जैसी तेजी से फैलने वाली बीमारी के खिलाफ कुल 3 करोड़ 66 लाख 37 हजार 285 पशुओं को टीका दिया गया। इस अभियान से पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि यह रोग पशुओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है और आर्थिक नुकसान का कारण बनता है।

पशु चिकित्सा सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए मोबाइल वैन की मदद से हजारों शिविर आयोजित किए गए। कुल 3,775 कैंपों के माध्यम से 5 लाख 3 हजार 814 पशुओं का उपचार किया गया। इस व्यवस्था से दूरस्थ इलाकों में रहने वाले पशुपालकों को भी समय पर इलाज मिल सका। साथ ही रोगों की निगरानी के लिए 5,418 नमूनों की जांच की गई, जिससे संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण रखने में सहायता मिली।

पशुधन विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रजनन सुविधाओं में भी सुधार किया जा रहा है। पूर्णिया स्थित सीमेन स्टेशन में 40.92 लाख फ्रोजन सीमेन स्ट्रॉ का उत्पादन किया गया है। इसके अलावा गोट सीमेन स्टेशन की स्थापना और ‘वन हेल्थ’ प्लेटफॉर्म को मंजूरी दी गई है, जो पशु स्वास्थ्य और प्रजनन सेवाओं को नई दिशा देगा।

आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य के 64 अनुमंडलीय पशु चिकित्सालयों में डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाने की योजना बनाई गई है। वहीं, 24 घंटे उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अल्ट्रासाउंड उपकरणों की स्थापना को भी स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही RIDF योजना के अंतर्गत नए पशु चिकित्सालयों और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जाएगी, जिससे पशुपालकों को बेहतर इलाज और प्रशिक्षण दोनों मिल सकेंगे।