पेट्रोल डालकर जिंदा जलाई गई 16 साल की लड़की की मौत, लपटों के साथ 30 मीटर तक भागी, पिता बोले- फोटो वायरल करने की धमकी देता था लड़का

राजधानी पटना में महिलाओं के साथ अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. शंभू हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि जिले से दिल-दहलाने वाली एक और घटना सामने आई है.

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 24, 2026, 3:20:00 PM

राजधानी पटना में महिलाओं के साथ अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. शंभू हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि जिले से दिल-दहलाने वाली एक और घटना सामने आई है. इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. नगर परिषद संपाचक के वार्ड पार्षद और राजद नेता शंभू पासवान के बेटे आदित्य कुमार पर 16 साल की छात्रा मुस्कान कुमारी को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने का सनसनीखेज आरोप लगा है. छह दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद छात्रा ने 22 जनवरी को दम तोड़ दिया.

घटना 17 जनवरी की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के बैरिया में रहने वाली छात्रा मुस्कान कुमारी जब अपने नानी घर से लौट रही थी, तभी आरोपी आदित्य ने बात करने का दबाव बनाने लगा. जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी

मृतक 10वीं की छात्रा थी और पटना नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी. घटना के दिन वह नानी के घर से अपने किराए के कमरे लौट रही थी. इसी दौरान बेरिया गांव में वार्ड पार्षद शंभू पासवान का 22 वर्षीय बेटा आदित्य कुमार रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठा था. पुलिस और परिजनों के अनुसार, आदित्य पिछले काफी समय से लड़की को रास्ते में रोककर जबरन बात करने और दोस्ती का दबाव बना रहा था

17 जनवरी को भी उसने लड़की को पीपल के पेड़ के पास घेर लिया. जब छात्रा ने बातचीत से इनकार किया तो आरोपी ने पहले उसे डराया और धमकाया और कथित तौर पर एक फोटो वायरल करने की धमकी दी. इसके बाद उसने उसके ऊपर पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया.

चश्मदीदों के अनुसार आग लगते ही लड़की चीखती हुई 150 फीट तक सड़क पर दौड़ती रही, लेकिन कुछ दूरी पर जाकर गिर गई. स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और उसे गंभीर हालत में NMCH अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों के अनुसार उसका शरीर लगभग पूरी तरह जल चुका था. वह छह दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही, लेकिन 22 जनवरी की रात उसकी मौत हो गई.

लड़की के पिता दिलीप कुमार ने कहा कि उनकी बेटी रोज उसी रास्ते से पढ़ाई के लिए आती-जाती थी और आरोपी लगातार उसे परेशान करता था. उन्होंने बताया, “मेरी बेटी को वह फोटो वायरल करने की धमकी देता था. वह सिर्फ पढ़ना चाहती थी, लेकिन उसकी चुप्पी को आरोपी ने उसकी कमजोरी समझ लिया.”

घटना के बाद से आरोपी आदित्य कुमार फरार था, पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. लड़की की मौत के बाद दबाव बढ़ने पर आरोपी ने पटना सिटी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है. पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है.