थैलेसीमिया से पीड़ित 7 बच्चे वेल्लोर रवाना, बिहार सरकार कराएगी नि:शुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट

थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों के लिए बिहार सरकार की एक और बड़ी पहल सामने आई है। राज्य के सात थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज यानी सीएमसी में किया जाएगा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 13, 2026, 8:29:00 PM

थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों के लिए बिहार सरकार की एक और बड़ी पहल सामने आई है। राज्य के सात थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज यानी सीएमसी में किया जाएगा। इन बच्चों को मंगलवार को वेल्लोर के लिए रवाना किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस संबंध में मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाएगा, उनमें मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, वैशाली, सीतामढ़ी, खगड़िया और पूर्वी चंपारण जिले से एक-एक बच्चा शामिल है। यह थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का सातवां बैच है, जिन्हें इलाज के लिए वेल्लोर भेजा गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पहले अलग-अलग चरणों में कुल 26 बच्चों का सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जा चुका है, जिससे वे अब एक सामान्य जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के बेहतर इलाज के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मंगल पांडेय ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना के तहत 12 वर्ष से कम उम्र के योग्य बच्चों के लिए बिहार सरकार ने सीएमसी वेल्लोर से समझौता किया है। इस योजना के अंतर्गत उन बच्चों का निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जाता है, जिनका एचएलए मैच उनके भाई या बहन से होता है।

उन्होंने बताया कि एक मरीज के संपूर्ण इलाज पर राज्य सरकार करीब 15 लाख रुपये खर्च करती है। इस राशि में मरीज, डोनर और माता-पिता की हवाई यात्रा, अस्पताल में इलाज, वेल्लोर में रहने, भोजन और अन्य सभी जरूरी खर्च शामिल हैं।

इसके अलावा राज्य में छह एकीकृत डे-केयर केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जहां थैलेसीमिया मरीजों को जांच, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन चेलेटिंग दवाएं और एंटी हेमोफिलिक फैक्टर जैसी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।