करबिगहिया गोलंबर से जुड़ेेंगे 4 मेगा फ्लाईओवर, पटना का ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह बदलेगा

पटना के दक्षिणी हिस्से में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या अब खत्म होने की कगार पर है। करबिगहिया गोलंबर का निर्माण तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 12, 2026, 5:02:00 PM

पटना के दक्षिणी हिस्से में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या अब खत्म होने की कगार पर है। करबिगहिया गोलंबर का निर्माण तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसके पूरा होते ही यहां चार बड़े फ्लाईओवर आपस में जुड़ जाएंगे। इससे मीठापुर, चिरैयाटांड़, न्यू बाइपास और सिपारा के बीच आवागमन बेहद आसान और सुगम हो जाएगा।

दरअसल, करबिगहिया से न्यू बाइपास की ओर जाने वाला फ्लाईओवर तीन साल पहले ही तैयार हो गया था, लेकिन गोलंबर नहीं बनने की वजह से उस पर यातायात शुरू नहीं हो सका। जैसे ही गोलंबर तैयार होगा, यह फ्लाईओवर चालू कर दिया जाएगा और वाहन सीधे न्यू बाइपास की ओर बढ़ सकेंगे। इससे स्टेशन रोड और कंकड़बाग इलाके में लगने वाला दबाव भी काफी हद तक कम होगा।

करबिगहिया गोलंबर से चिरैयाटांड़ पुल को जोड़ने के लिए 490 मीटर लंबा दो लेन का एलिवेटेड रोड स्टील फ्रेम पर बनाया जा रहा है। इसके पिलर तैयार हो चुके हैं और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। चिरैयाटांड़ पुल से उतरने वाले रैंप में भी बदलाव किया जा रहा है, जिससे स्टेशन रोड और मीठापुर के बीच सफर पहले से ज्यादा तेज और सुगम होगा।

वहीं, मीठापुर से सिपारा होते हुए महुली तक बनने वाला एलिवेटेड रोड अगले आठ महीनों में पूरा होने की संभावना है। अक्टूबर से इस पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो सकती है। सिपारा से न्यू बाइपास के उत्तर हिस्से तक निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।

करबिगहिया गोलंबर के पास तीनों दिशाओं से आने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर एक ही बिंदु पर मिलेंगे। इसके बाद मीठापुर फ्लाईओवर से सीधे कंकड़बाग, गांधी सेतु और गुलजारबाग तक बिना रुके पहुंचना संभव होगा। दक्षिण पटना के लिए यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक व्यवस्था में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव साबित होने जा रहा है।