बिहार शरीफ नगर निगम की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर निगम के अस्थायी, अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स सफाई कर्मी लगातार दूसरे दिन भी राजव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। हड़ताल के कारण शहर में सफाई कार्य पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे कई इलाकों में कूड़े का अंबार लगने लगा है। सफाई कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सफाई कर्मी तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सभी अस्थायी सफाई कर्मियों को स्थायी किया जाए, नगर निगम में ठेका प्रथा पूरी तरह समाप्त की जाए और "समान काम के लिए समान वेतन" का नियम तत्काल लागू किया जाए।
हड़ताली सफाई कर्मियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पिछली बार हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सरकार ने मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवाई थी, लेकिन आज तक कोई वादा पूरा नहीं किया गया। सरकार नगर निगम के सफाई कर्मियों के साथ अन्याय कर रही है।
पिछली बार भी सिर्फ आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बार आर-पार की लड़ाई है। जब तक हमारी तीनों मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इधर हड़ताल लंबी खिंचने से शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट गहरा गया है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं।
नालंदा से मिथुन कुमार की रिपोर्ट