हिंदी फिल्म का एक गाना है, क्योंकि सोने पर छाई महंगाई, मैं चांदी ले आयी। गाना तो बिल्कुल असली है लेकिन इसी से मिलती जुलती खबर राज्य के पूर्वी चंपारण जिले से है और इस खबर में ट्विस्ट है। मामला जेवर से ही जुडा हुआ है। दरअसल पूर्वी चंपारण में नेपाल से बारात आयी थी। शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी लेकिन एन वक्त पर यह सामने आया कि शादी में देने के लिए लाया गया जेवर नकली है। इसके बाद दुल्हन ने शादी करने से इंकार कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार मोतिहारी के सुगौली थाना अंतर्गत बेलवतिया गांव के निवासी लक्ष्मी नारायण सहनी की पुत्री के लिए पडोसी देश नेपाल से बारात आयी थी। दरअसल लक्ष्मी नारायण ने अपनी पुत्री की शादी नेपाल के बारा जिले के जुगुल सहनी के बेटे सुभाष कुमार से तय किया था। तय तारीख के अनुसार 22 जून को बारात नेपाल से भारत आयी। इस दौरान शादी की सभी रस्में भी शुरू हुई। जब कन्य निरीक्षण की रस्म निभायी जा रही थी। उसी वक्त व्यवधान शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि वर पक्ष की तरफ से वधू के लिए जो जेवर लाये गये थे। उसे देखने के बाद वधू पक्ष के लोगों को शक हुआ। वधू पक्ष का मानना था कि जो जेवर लाये गये हैं, वह सारे नकली हैं। इसके बाद शादी में बवाल हो गया। इस दौरान ग्रामीण एकत्र हो गये और उन्होंने बारातियों को बंधक बना लिया। लगातार हो रहे व्यावधान और विरोध के बीच लडकी ने भी शादी करने से इंकार कर दिया। मामला इतना बढा कि ग्रामीणों ने बारातियों को बंधक बना लिया। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि सुबह में ग्रामीणों ने बारातियों को छोड़ दिया। लेकिन लड़के और उसके पिता को बंधक बना कर रखा है।
इधर इस पूरे प्रकरण पर दूल्हे के भाई ने का कहना था कि हमारी तरफ से जो जेवर लाये गये हैं, वह असली है। लेकिन लकड़ी वाले कह रहे हैं कि जेवर नकली है। उसके बाद हम लोगों को बंधक बना लिया। अब हम लोग प्रशासक के पास जा रहे है। वही लकड़ी के पिता का कहना था कि रस्म के वक्त जब जेवर की जांच की गयी, तब सब नकली साबित हुआ। जिसके बाद मैंने शादी करने से इंकार कर दिया। उनका यह भी कहना था कि जब हमने शादी तय किया था, तब हमने कहा था कि एक वाहन और एक ढोलना ले कर आइएगा, हम शादी कर लेंगे। लेकिन गाड़ी भी नहीं लिया और जो जेवर लेकर आये, वह भी नक़ली है।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट