SDM पोस्टिंग के नाम पर बड़ा खेल, मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने दबोचा, खुले कई राज

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 21, 2026, 6:43:00 PM

मोतिहारी में एसडीएम के पोस्टिंग के नाम पर बड़ा खेल का मामला सामने आया है। वहीं इस खेल का मास्टरमाइंड राजन जायसवाल को एसटीएफ ने पटना से पकड़कर मोतीहारी पुलिस को सौंप दिया है। लेकिन जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार पिछले दिनों बीपीएससी अधिकारियों की पोस्टिंग हो रही थी।

इस दौरान राजन जायसवाल ने मोतिहारी के तत्कालीन  भू अर्जन  पदाधिकारी अरुण कुमार से यह कहा कि हम आपका  मनचाहा पोस्टिंग मोतिहारी एसडीएम के पद पर करा देंगे और आपको इसके लिए 25 लाख रुपए देने होंगे। लेकिन ज़ब अरुण कुमार की 12 जुलाई को पोस्टिंग हो गई उसके बाद राजन जायसवाल ने पैसे मांगने शुरू कर दिए। 

व्हाट्सएप कॉल के जरिए व्हाट्सएप चैट्स के जरिए लगातार वह पैसे की डिमांड करने लगा। इसके बाद एसडीओ अरुण कुमार ने 19 जुलाई को जाकर साइबर थाने में इसकी शिकायत की। साइबर थाने की शिकायत के बाद मुख्य आरोपी राजन कुमार को पटना वंदे भारत ट्रेन में सफर करने के दौरान गिरफ्तार कर लिया है।

लेकिन यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब एसडीओ के ट्रांसफर के नाम पर राजन जायसवाल ने अरुण कुमार से 12 जुलाई को पैसे मांगे जब उनको आश्वासन दिया तो उन्होंने उसे समय शिकायत क्यों नहीं की और 19 तारीख को उनके द्वारा साइबर थाने में शिकायत की गई। इसको लेकर भी अलग-अलग चर्चाओं का बाजार गर्म दिख रहा है लेकिन जो जानकारी मिल रही है कि अरुण कुमार ने जो आवेदन दिए हैं उसमें राजन कुमार के नंबर से पैसे की लगातार डिमांड की जा रही थी। 

पैसे नहीं देने पर उनकी पोस्टिंग को स्थगित करने का दावा किया जा रहा था। राजन जायसवाल के मोबाइल में कई बड़े-बड़े नामचीन  लोगों के नंबर भी दर्ज हैं। वैसी स्थिति में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर राजन जायसवाल की पहुंच कहां तक है कि एसडीओ की भी पोस्टिंग करने का बड़ा खेल कर रहा था।

तत्कालीन SDM अरुण कुमार ने इस मामले की शिकायत वरीय अधिकारियों के साथ-साथ साइबर थाने की पुलिस को भी दी है। साइबर थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच मे जुटी है कि आखिर माजरा क्या है लेकिन जो चर्चाएं हो रही है उसके अनुसार पिछले 12 जुलाई को बिहार में बीएससी अधिकारियों की तबादला हुई थी उसने अरुण कुमार को मोतिहारी सदर के SDM बनाया गया। वहीं उनकी पत्नी इति चतुर्वेदी को अरुण कुमार की जगह भू अर्जन का पदाधिकारी बनाया गया। 

अब देखना यह है कि  इस ताबदले के खेल में कौन-कौन किरदार हैं। किन-किन किरदारों का क्या-क्या काम है। यह जांच का विषय है लेकिन फिलहाल एसटीएफ ने राजन जायसवाल को पकड़कर साइबर थाने की पुलिस को दे दिया है और साइबर थाने की पुलिस राजन जायसवाल के मोबाइल डाटा और उनकी करतूत की पूरी जानकारी जुताने में लगी।

मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट