मोतिहारी : बिहार में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बार के चुनाव में गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि किसी भी गठबंधन की ओर से एक ही प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं है। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अलग चुनाव लड़ रहे हैं, तो राजद समर्थित प्रत्याशी भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, एनडीए खेमे में भी अलग-अलग प्रत्याशी मैदान में उतरकर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं। ऐसे में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनता दिख रहा है।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव किसी राजनीतिक दल का चुनाव नहीं, बल्कि शिक्षकों से जुड़ा चुनाव है - प्रत्याशी रामपुकार सिन्हा
इसी बीच, राष्ट्रीय लोक मोर्चा यानी आरएलएम के समर्थित प्रत्याशी रामपुकार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी जीत का दावा किया है। उन्होंने साफ कहा कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव किसी राजनीतिक दल का चुनाव नहीं, बल्कि शिक्षकों से जुड़ा चुनाव है। रामपुकार सिन्हा के मुताबिक, उन्हें अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का आशीर्वाद प्राप्त है। इसके साथ ही पार्टी के तीन विधायकों और अन्य पदाधिकारियों का भी समर्थन मिल रहा है। रामपुकार सिन्हा ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अपने हितों और समस्याओं को ध्यान में रखकर मतदान करेंगे।
गठबंधन के भीतर अलग-अलग प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से वोटों के बंटवारे की संभावना भी बन रही है
उन्होंने भरोसा जताया कि शिक्षकों के समर्थन और पार्टी नेताओं के सहयोग से इस बार चुनाव में उन्हें सफलता मिलेगी। हालांकि, गठबंधन के भीतर अलग-अलग प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से वोटों के बंटवारे की संभावना भी बन रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी समीकरण किस दिशा में करवट लेते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है और सभी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं के बीच समर्थन जुटाने में लगे हैं।
मोतिहारी से प्रकाश सिंह की रिपोर्ट