राहुल गांधी के साथ दुर्व्यवहार पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, कहा-छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे को लेकर झंझारपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लंगड़ा चौक से निकाले गए जनाक्रोश मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 24, 2026, 3:23:00 PM

नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे को लेकर झंझारपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लंगड़ा चौक से निकाले गए जनाक्रोश मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत राज ने किया। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर लंगड़ा चौक पर जुटे तथा नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार अब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।

इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

पूर्व मंत्री बोले-छात्रों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

सभा को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक ने कहा कि कांग्रेस छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया। कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत राज ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन में कौशल राजपूत, भास्कर चौधरी, गजेंद्र कुमार झा, उफत शेख, अरमान शेख, सुनील कुमार झा, सोनू शेख, इंद्रजीत कुमार मंडल, किरण कुमार, संतोष कुमार राणा, सुजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मधुबनी से पांडव कुमार यादव की रिपोर्ट