मधुबनी : मोहर्रम में लाठी-अखाड़े के करतबों के बीच 'भरत भूषण' वाले सिफल ने खींचा सबका ध्यान!

मधुबनी में मोहर्रम में लाठी-अखाड़े के करतबों के बीच 'भरत भूषण' वाले सिफल ने खींचा सबका ध्यान! रोहतास जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की तस्वीरे लगाई गई थीं।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 26, 2026, 3:54:00 PM

मधुबनी : अखाड़ों की गूंज, ढोल-ताशों की थाप, लाठियों की कड़कड़ाहट और हवा में लहराते पारंपरिक सिफल, मधुबनी जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मुहर्रम का पर्व कुछ इसी अंदाज़ में मनाया गया। आस्था और आपसी भाईचारे के इस माहौल में जहां अखाड़े के जांबाजों ने अपने हैरतअंगेज करतबों से लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया, वहीं एक खास सिफल पूरे शहर में 'टॉक ऑफ द टाउन' बना रहा।

सिफल पर दिखी भरत भूषण की तस्वीर

यूं तो पूरे शहर में एक से बढ़कर एक ताजिया और सिफल निकाले गए थे, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं कोतवाली चौक पर प्रदर्शन के लिए लाए गए एक खास सिफल ने। इस सिफल की सजावट बेहद अनोखी थी। इसके दोनों ओर रोहतास जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की तस्वीरे लगाई गई थीं। इसे देखने और इसकी तस्वीरें लेने के लिए सड़क पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 

शहर के कोतवाली चौक, भौआरा, बड़ी बाजार, संतुनगर और सिंघानिया चौक जैसे प्रमुख इलाकों में अखाड़े के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। विभिन्न चौक-चौराहों पर आम लोगों ने जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत कर कौमी एकता की मिसाल पेश की।

इतने बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मधुबनी प्रशासन ने सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया था, संवेदनशील चौराहों पर दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।पल-पल की हलचल पर नज़र रखने के लिए CCTV और ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। वरीय अधिकारी खुद लगातार गश्त कर स्थिति को संभालते रहे।

प्रशासन की मुस्तैदी और मधुबनी की जनता के आपसी सौहार्द का ही नतीजा था कि पूरा पर्व बेहद शांतिपूर्ण और खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ। जिले के किसी भी कोने से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई, और आपसी भाईचारे की एक खूबसूरत तस्वीर के साथ मुहर्रम संपन्न हो गया।

रिपोर्ट : शिवम