किशनगंज SDPO मामले में नया खुलासा! नौकरानी के नाम से जुड़ी संपत्ति और लग्जरी जीवनशैली पर उठे सवाल

किशनगंज SDPO मामले में नया खुलासा! नौकरानी के नाम से जुड़ी संपत्ति और लग्जरी जीवनशैली पर उठे सवाल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 04, 2026, 3:50:00 PM

किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा 80 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध संपत्ति का पता चलने के बाद अब जांच की आंच उनके घरेलू स्टाफ तक पहुंचती दिखाई दे रही है। ताजा जानकारी में उनकी घरेलू सहायिका पारो के नाम पर कथित रूप से बड़ी संपत्ति और महंगी जीवनशैली के संकेत मिले हैं।

सूत्रों के अनुसार, पारो के आवागमन के लिए महंगी गाड़ी का उपयोग किया जाता था, जिसकी कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि कई मौकों पर उसे लाने-ले जाने के लिए अधिकारी के निजी या सरकारी वाहन भी भेजे जाते थे। एक तस्वीर के सामने आने की भी चर्चा है, जिसमें उसके पास बड़ी मात्रा में नकदी होने का दावा किया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसी कड़ी में यह बात भी सामने आई है कि कथित तौर पर उसे एक बुलेट मोटरसाइकिल उपहार में दी गई थी। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मलद्वार क्षेत्र में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से मकान निर्माण की जानकारी भी चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक घरेलू कामगार के पास इस स्तर की संपत्ति और सुविधाएं होना कई संदेह पैदा करता है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि पारो के घर में महंगे आभूषण और अन्य कीमती सामान देखे जाने की बात कही जा रही है, हालांकि इन सभी दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, मामले के सार्वजनिक होने के बाद पारो के अपने परिवार सहित घर पर न मिलने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

गौरतलब है कि एसडीपीओ गौतम कुमार पहले से ही आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में हैं। अब घरेलू सहायिका से जुड़े इन नए पहलुओं के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां मामले को और व्यापक रूप से खंगाल सकती हैं। पुलिस महकमे में भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हलचल देखी जा रही है, जबकि आम लोग भी इन खुलासों पर आश्चर्य जता रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।