प्राणपुर प्रखंड के नया प्राथमिक विद्यालय दीघापार के भवन निर्माण को लेकर लगाए गए 44 लाख 85 हजार रुपये के गबन के आरोप की प्रशासनिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की तत्परता और त्वरित कार्रवाई के बाद मामले की वास्तविक स्थिति सामने आई। जांच में सरकारी खजाने से उक्त राशि के आवंटन, भुगतान या निकासी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
ग्रामीणों की शिकायत सामने आने के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीओ और जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्थल पर भेजकर जांच कराई। सदर एसडीओ सूरज कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया तथा शिकायत के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों का विभागीय अभिलेखों से मिलान किया।
जांच के दौरान सामने आया कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए 44.85 लाख रुपये की राशि न तो विभाग द्वारा आवंटित की गई थी और न ही किसी एजेंसी को इसका भुगतान हुआ था। सरकारी खाते से भी इस राशि की निकासी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इससे गबन के आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी।
जांच में शिकायत के साथ लगाए गए दस्तावेजों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेज सरकारी कागजात जैसे प्रतीत हो रहे थे, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड से मिलान करने पर उनकी वास्तविकता संदिग्ध पाई गई। अधिकारियों ने इनके AI तकनीक की मदद से तैयार किए जाने की आशंका जताई है। अब जांच इस बिंदु पर भी आगे बढ़ रही है कि ऐसे दस्तावेज किसने तैयार किए और उन्हें सरकारी रिकॉर्ड के रूप में शिकायत के साथ किसने प्रस्तुत किया।
हालांकि 44.85 लाख रुपये के गबन का आरोप जांच में सही नहीं पाया गया, लेकिन विद्यालय के स्थायी भवन का मुद्दा अभी भी कायम है। विद्यालय फिलहाल झोपड़ीनुमा किराए के मकान में संचालित हो रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय के लिए जल्द पक्का भवन बनाया जाए।
डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि मामले की जांच कराई गई है। विद्यालय भवन निर्माण के लिए निकाला गया टेंडर बाद में रद्द कर दिया गया था। जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने नहीं आई है। फर्जी शिकायत और दस्तावेज के संबंध में जांच की जा रही है।
डीएम की त्वरित पहल से जहां सरकारी राशि के गबन से जुड़े आरोप की सच्चाई सामने आई, वहीं अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे सरकारी रिकॉर्ड के रूप में प्रस्तुत करने वालों की पहचान प्रशासन के लिए अगली चुनौती बनी हुई है।
कटिहार।प्रतिनिधि