बिहार के कैमूर जिले में लगातार मिल रही सिरकटी लाशों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। रामगढ़ थाना क्षेत्र में बीते चार दिनों के भीतर अलग-अलग जगहों से चार शवों के टुकड़े बरामद होने के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्य प्रकाश ने स्वयं घटनास्थल पहुंचकर जांच की निगरानी शुरू कर दी है।
पुलिस को अब तक दो शव सूटकेस में और दो अन्य बोरे में मिले हैं। सभी शवों के सिर गायब थे और शरीर के हिस्सों को अलग-अलग काटकर छिपाने की कोशिश की गई थी। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि मृतक एक ही परिवार से जुड़े हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इनमें एक पुरुष, एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना का खुलासा 10 मई को उस समय हुआ जब रामगढ़ और मोहनिया थाना क्षेत्रों की सीमा के पास दुर्गावती नदी में कुछ मानव अंग तैरते दिखाई दिए। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने नदी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान दो सूटकेस से शवों के कटे हुए हिस्से बरामद हुए। बाद में अलग-अलग स्थानों से दो अन्य शव बोरे में पाए गए। सभी मामलों में शवों के सिर गायब थे, जिससे पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्यारों ने पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से शवों को बुरी तरह क्षत-विक्षत किया। मामले में अब तक न तो मृतकों की पहचान हो सकी है और न ही किसी संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कैमूर पुलिस ने मृतकों की पहचान या अपराधियों से जुड़ी जानकारी देने वालों के लिए ₹50 हजार के इनाम की घोषणा की है। डीआईजी सत्य प्रकाश ने कहा कि जांच कई कोणों से की जा रही है और पुलिस हर संभावित पहलू पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
जांच के दौरान कैमूर एसपी हरि मोहन शुक्ला और मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे। पुलिस आसपास के जिलों से गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है और फॉरेंसिक टीम की मदद से शवों की पहचान की कोशिश जारी है।