जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड के नवगढ़ गांव में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने स्वर्गीय शक्लदेव मांझी के छह अनाथ बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार से आत्मीय बातचीत की, बच्चों का हाल जाना और हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान मांझी समाज के सैकड़ों लोग और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।
मंत्री ने कहा कि स्वर्गीय शक्लदेव मांझी के निधन के बाद उनके आश्रित परिवार को जो सरकारी मुआवजा और सहायता राशि समय पर मिल जानी चाहिए थी, उसमें लगभग दो वर्षों की देरी होना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि आखिर किन कारणों से पीड़ित परिवार को समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।संतोष कुमार सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनाथ बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण नहीं रुकेगी। बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण, आवास, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवार से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और मांझी समाज के प्रतिनिधियों ने सड़क, आवास, पेयजल, पेंशन, राशन कार्ड तथा अन्य विकास योजनाओं से जुड़ी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनका दौरा केवल औपचारिकता नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि एक महीने बाद वह स्वयं नवगढ़ गांव का दोबारा दौरा करेंगे और समीक्षा करेंगे कि अधिकारियों ने उनके निर्देशों पर कितना अमल किया तथा पीड़ित परिवार और गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिला या नहीं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, समाज के गणमान्य लोग तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जहानाबाद से बरुण की रिपोर्ट