₹10 लाख देगी सरकार, 15 सितंबर तक आवेदन, कौन ले सकता है लाभ? जानें पूरा प्रोसेस

बिहार में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकारी अनुदान मिल रहा है। राष्ट्रीय खाद्य तेल-तेलहन मिशन योजना के तहत तेल मिल स्थापित करने पर सरकार भारी अनुदान दे रही है।

बिहार में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकारी अनुदान मिल रहा है। राष्ट्रीय खाद्य तेल-तेलहन मिशन योजना के तहत तेल मिल स्थापित करने पर सरकार भारी अनुदान दे रही है। हर जिले में एक यूनिट खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें जहानाबाद जिले में भी एक यूनिट तेल मिल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 15 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और इच्छुक संस्थाएं 15 सितंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की ओर से तेल मिल स्थापित करने पर कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिया जाएगा। 25 लाख रुपये की लागत वाली तेल प्रसंस्करण यूनिट पर अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। ऐसे में जिले के इच्छुक लोग कृषि विभाग के अधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

जहानाबाद जिला कृषि पदाधिकारी संभावना के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में तेल यूनिट स्थापित करने को लेकर जिले का भी चयन किया गया है। ऐसे में किसानों से यह अपील रहेगी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवदेन की प्रक्रिया पूरी करें और योजना का लाभ उठाकर व्यवसाय शुरू करें। योजना के तहत जिले में 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित की जानी है। सरकार का उद्देश्य केवल तेल मिल खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर तिलहन उत्पादन और प्रसंस्करण की व्यवस्था को मजबूत करना भी है।  

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए कुछ निर्धारित श्रेणियों के आवेदक ही आवेदन कर सकेंगे। इनमें किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, VCP, तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े पंजीकृत स्टार्टअप और सहकारी समितियां शामिल हैं। इस योजना के तहत 10 टन क्षमता की तेल प्रसंस्करण यूनिट को स्थापित करना है, जिसमें अधिकतम 9.90 लाख रुपए या 33% तक अनुदान मिलेगा। इस योजना की कुल लगात 25 लाख रुपए हैं, जिसका 33 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में दे होगा। आवेदन के दौरान आवेदक को योजना का DPR, आधार और बैंक डिटेल्स, बैंक लोन की स्वीकृति और संस्था का पंजीकरण प्रमाण पत्र जरूरी है। इसको भी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक आवेदक 15 अगस्त से 15 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदक को कृषि विभाग के अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें परियोजना का DPR यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, बैंक लोन स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज और संस्था का पंजीकरण प्रमाण पत्र शामिल है योजना के तहत भूमि खरीदने और शेड या भवन निर्माण पर होने वाले खर्च को सब्सिडी की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी जमीन की खरीद और भवन या शेड निर्माण का खर्च संबंधित संस्था या आवेदक को स्वयं वहन करना होगा।