जमुई (बिहार)। बिहार राज्य डेटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा, जिला इकाई-जमुई के बैनर तले आज डेटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, आशुलिपिक (Stenographer) और आईटी बॉय/गर्ल ने अपनी एकमात्र मांग "राज्यकर्मी का दर्जा" को लेकर एक ऐतिहासिक और विशाल रोड मार्च निकाला।
आज दोपहर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जिलेभर से लगभग 100 की संख्या में आईटी कर्मी श्री कृष्ण सिंह मेमोरियल स्टेडियम में एकत्रित हुए। यहाँ से हाथों में बैनर-पोस्टर लिए कर्मियों का हुजूम समाहरणालय की ओर बढ़ा। मार्च के दौरान कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में पूरी बुलंदी के साथ नारे लगाए और अपनी आवाज सरकार तक पहुँचाई।
नारों से गूंजा समाहरणालय मार्ग:
सड़क पर उतरे आंदोलनकारियों ने "चाहे जो भी मजबूरी हो, राज्यकर्मी का दर्जा जरूरी हो" और "मानदेय नहीं सम्मान चाहिए, राज्यकर्मी का अधिकार चाहिए" जैसे गगनभेदी नारों के साथ पूरे माहौल को गुंजायमान कर दिया।
मांगें न मानने पर राज्य स्तर पर बड़े आंदोलन की चेतावनी:
संघ की जिला अध्यक्षा श्रीमती रिंकू सिंह ने कहा कि आज का यह जिला स्तरीय रोड मार्च पूरी तरह से सफल रहा है और कर्मियों की एकजुटता ने यह साफ कर दिया है कि वे अब अपने हक के लिए पीछे नहीं हटने वाले हैं। उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी इस जायज मांग को जल्द नहीं मानती है, तो आने वाले दिनों में राज्य स्तर से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुपालन में इससे भी बड़ा और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस शांतिपूर्ण और अनुशासित मार्च की सफलता पर संघ के उपाध्यक्ष श्री विवेक कुमार एवं श्री मिथुन कुमार, जिला सचिव ने आज के कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिला एवं पुरुष कर्मियों का आभार व्यक्त किया और आगे की रणनीति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला मुख्यालय से श्री संतोष कुमार (प्रोग्रामर) एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर - श्री सुभाष कुमार, कौशल कुमार, दिनकर कुमार, नीरज कुमार, मुकेश कुमार, सोमन सिन्हा, स्मृति कुमारी एवं अन्य तथा सभी प्रखंडों के डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थित हुए।
जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट