मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जमुई आगमन से कुछ घंटे पहले जिले से एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। एक ओर मंचों से बेटियों की सुरक्षा, महिला सम्मान और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जमुई के खैरा थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती के कथित अपहरण, दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और धमकी देने का गंभीर आरोप सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़िता के पिता की लिखित शिकायत पर खैरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है।
दर्ज आवेदन के अनुसार, 21 जून की सुबह करीब 10 बजे युवती गोपालपुर चौक पर सब्जी खरीदने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान बाइक सवार शुभम कुमार मोदी और सुमन कुमार मोदी, दोनों गोपालपुर निवासी, उसे जबरन अपने साथ ले गए। परिजनों का आरोप है कि युवती के मुंह पर नशीला पदार्थ छिड़ककर उसका अपहरण किया गया।
आवेदन में कहा गया है कि जब युवती को होश आया तो वह एक सुनसान स्थान पर थी, जहां दोनों नामजद आरोपितों के अलावा 8 से 10 अन्य लोग भी मौजूद थे। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि वहां युवती के साथ अश्लील हरकत की गई, उसके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाया गया और आपत्तिजनक कृत्य किए गए। विरोध करने पर युवती और उसके भाई को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
परिजनों के मुताबिक, भय, शर्म और सदमे के कारण युवती तत्काल किसी को घटना की जानकारी नहीं दे सकी। किसी तरह वह वहां से निकलकर शाम में अपने घर पहुंची। बहरहाल, मामला उस वक्त और भयावह हो गया जब कथित तौर पर युवती ने अपना आपत्तिजनक वीडियो वायरल होते देखा। इससे वह गहरे मानसिक आघात में चली गई और आत्महत्या का प्रयास कर बैठी। हालांकि, परिजनों ने समय रहते उसे बचा लिया। बाद में समझाने-बुझाने पर युवती ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिवार को दी।
पीड़िता के पिता ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने आरोपितों के परिजनों से शिकायत की और कानूनी कार्रवाई की बात कही, तो उन्हें वीडियो और अधिक वायरल करने तथा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। लिहाजा, परिवार ने पुलिस की शरण लेते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
इधर, खैरा थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पूरे मामले पर एसडीपीओ सतीश सुमन ने कहा कि परिजनों द्वारा खैरा थाना में आवेदन दिया गया है, जिसके आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रेम-प्रसंग, छेड़खानी समेत सभी संभावित एंगल पर पड़ताल की जा रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मुख्यमंत्री का जमुई दौरा प्रस्तावित है और प्रशासन सुरक्षा, विकास तथा सुशासन के दावों को रेखांकित करने में जुटा है। लेकिन सीएम के आगमन से ठीक पहले सामने आई यह घटना जिले की कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस-प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। बेटियों की सुरक्षा के दावों के बीच यह मामला न सिर्फ प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के माथे पर भी एक गहरा कलंक बनकर उभरा है।
अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर पीड़िता के आरोपों में कितनी सच्चाई है, वीडियो वायरल करने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इस पूरे प्रकरण में कितने चेहरे बेनकाब होते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सिर्फ छेड़खानी या अपहरण तक सीमित नहीं, बल्कि संगठित अपराध, यौन हिंसा, डिजिटल उत्पीड़न और धमकी के बेहद गंभीर रूप में सामने आ सकता है।
जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट