मौसम बदलते रहते हैं, कभी चिलचिलाती धूप होती है तो कभी आसमान से राहत की बूंदें बरसती हैं. लेकिन गोपालगंज जिले के भोरे थाना रोड की किस्मत में कोई बदलाव नहीं लिखा है। यहाँ मौसम चाहे गर्मी का हो या बरसात का, सड़क पर पसरा जलजमाव बारह महीने जनता की नियति बन चुका है। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री सुनील कुमार के विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों की पोल खोलती यह सड़क प्रशासनिक उदासीनता की एक जीती-जागती मिसाल है।
भोरे बाजार के मुख्य रास्तों में से एक, थाना रोड पिछले कई बरसों से जर्जर और जलमग्न है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण नाले का गंदा पानी चौबीसों घंटे सड़क पर बहता रहता है। सड़क पर घुटने भर पानी और कीचड़ के कारण हजारों की अबादी इस रास्ते पर आना बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय व्यापारियों का धंधा चौपट होने की कगार पर है। सड़कों पर गंदे पानी से उठती सड़ांध और मच्छरों के प्रकोप के कारण इलाके में महामारी का खतरा अब मंडराने लगा है। इस मार्ग की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि आम राहगीरों की बात तो दूर, आपातकालीन सेवाएं और पुलिस की गश्त गाड़ियां भी इस रास्ते से गुजरने से कतराती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को भी थाना पहुंचने या गश्त पर निकलने के लिए लंबे बाईपास रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में आपात स्थिति में आम जनता पूरी तरह भगवान भरोसे है.
पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान इस इलाके की जनता ने अपनी नाराजगी जमकर जाहिर की थी। चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था.वोट मांगने आए तमाम प्रत्याशियों ने हाथ जोड़कर वादा किया था कि चुनाव जीतते ही सबसे पहले भोरे थाना रोड की सूरत बदली जाएगी लेकिन चुनाव खत्म होते ही सारे वादे हवा-हवाई हो गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह बदहाली उस क्षेत्र की है, जो बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री सुनील कुमार का गढ़ माना जाता है। जब खुद सूबे के ग्रामीण सड़कों के कायाकल्प की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के मुख्य बाजार की सड़क का यह हाल है, वही स्थानीय निवासियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से इस नारकीय स्थिति से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है। लोगों का साफ कहना है कि अगर जल्द ही सड़क और नाला निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे और आने वाले चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे।
वही इस मामले में जिला परिषद के अध्यक्ष अंकुर राय से बात करने पर उन्होंने बताया कि पूर्व में जिला परिषद सदस्यों के द्वारा छोटा खंड में इस सड़क का निर्माण कराया गया था। सड़क की लंबाई बड़ी होने के कारण यह हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पथ निर्माण विभाग को इन हालात की जानकारी दी गयी है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट