जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और गोपालगंज जिले के भोरे विधानसभा से भाकपा-माले के पूर्व प्रत्याशी धनंजय पासवान ने बिहार सरकार की कानून व्यवस्था और हालिया पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। गोपालगंज के भोरे प्रखंड कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पासवान ने कहा कि बिहार में सम्राट सरकार कानून का राज खत्म करने में जुटी हुई है और राज्य में पुलिस राज थोपा जा रहा है। पासवान ने भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह देश बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान से चलेगा, किसी पुलिसिया एनकाउंटर से नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाकपा-माले किसी भी फर्जी या गैर-संवैधानिक एनकाउंटर के सख्त खिलाफ है। संविधान में आत्मसमर्पण करने वाले अपराधियों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा देने का प्रावधान है, न कि सीधे गोली मार देने का।
पासवान ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा एनकाउंटर को जायज ठहराए जाने वाले बयान की भी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों द्वारा ऐसी हिंसा का समर्थन करना बेहद चिंताजनक और लोकतंत्र विरोधी है। भोरे और भोजपुर में हुई हालिया घटनाओं पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए माले नेता ने कहा कि बीजेपी और उसकी सहयोगी सरकारें गरीबों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही हैं। भोरे के चारमुहानी चौक पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज इस बात का प्रमाण है कि न्याय मांगने वालों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं. पुलिस का यह रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में धनंजय पासवान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर पुलिस और प्रशासन ने अपना अमानवीय रवैया नहीं बदला और जनता पर अत्याचार बंद नहीं हुआ, तो भाकपा-माले सड़क से लेकर सदन तक एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट