थावे भवानी मंदिर चोरी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, गूगल-यूट्यूब से सीखकर दिया घटना को अंजाम

गोपालगंज के थावे भवानी मंदिर में हुई 1.08 करोड़ रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से दीपक राय नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 23, 2025, 5:28:00 PM

गोपालगंज के थावे भवानी मंदिर में हुई 1.08 करोड़ रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से दीपक राय नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह इस चोरी का मास्टरमाइंड है। उसका एक साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, चोरी से पहले आरोपियों ने चोरी से जुड़ी कई फिल्में देखीं। उन्होंने गूगल और यूट्यूब पर थावे भवानी मंदिर की पूरी जानकारी निकाली। इसी तरह उन्हें मंदिर में मौजूद मां के कीमती गहनों के बारे में पता चला। कई दिनों तक उन्होंने मंदिर और गहनों से जुड़ी जानकारी इंटरनेट पर सर्च की। इसके बाद 17 दिसंबर की रात मंदिर में चोरी की गई।

एसपी अवधेश दीक्षित ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले के लिए 12 विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई थीं। पुलिस ने 5 दिनों तक बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में लगातार छापेमारी की। तकनीकी सबूत, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर पुलिस यूपी के गाजीपुर जिले के जमुनिया थाना क्षेत्र तक पहुंची।

वहां से देवानंद राय के बेटे दीपक राय को हिरासत में लिया गया। सख्त पूछताछ में दीपक ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने बताया कि दीपक पेशेवर मंदिर चोर है और पहले भी कई मंदिरों में चोरी कर चुका है।

जांच में सामने आया कि मार्च 2025 में दीपक ने मध्यप्रदेश के महू जिले में शीतला माता मंदिर में भी चोरी की थी। उस मामले में वह जेल गया था और 13 नवंबर 2025 को जेल से बाहर आया था।

दीपक ने चोरी किए गए गहने अपने पास नहीं रखे थे। उसने सभी गहने अपने एक साथी को दे दिए थे, ताकि अगर वह पकड़ा जाए तो उसके पास से कुछ बरामद न हो। इसी वजह से अभी तक गहने नहीं मिल पाए हैं।

पुलिस ने दीपक के पास से रॉड कटर, चोरी के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन, बाइक और बैग बरामद किया है। मोबाइल की जांच में थावे मंदिर से जुड़ी पूरी सर्च हिस्ट्री मिली है। यह भी पता चला कि चोरी के बाद भी वह सोने और गहनों की कीमत गूगल पर सर्च करता रहा।

एसपी ने बताया कि दीपक सिर्फ मंदिरों को ही अपना निशाना बनाता था। वह चोरी से जुड़ी फिल्में लगातार देखता था। चोरी से पहले उसने एक बिहार की फिल्म भी देखी थी, जिसमें बताया गया था कि पुलिस अपराधियों तक कैसे पहुंचती है।

पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में मंदिर प्रशासन या किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं पाई गई है। दूसरे आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही चोरी किए गए गहने भी बरामद कर लिए जाएंगे।