गोपालगंज: जिले में शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक अनुशासनहीनता, योजनाओं में फर्जीवाड़े और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र पांडेय ने कार्य में घोर लापरवाही, वित्तीय अनियमितता और फर्जी शैक्षणिक व दिव्यांगता प्रमाण पत्र के मामले में तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, गाज गिरने वाले शिक्षकों में:
मुस्ताक अहमद: भोरे स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय (उर्दू) में पदस्थापित, प्रधानाध्यापक के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में निलंबित।
एकरामुल हक: सिधवलिया के अपग्रेड मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक, मिड-डे मील योजना में फर्जीवाड़ा और अनियमितता बरतने के आरोप में कार्रवाई।
पंकज कुमार: बैकुंठपुर के अपग्रेड मिडिल स्कूल (बनकटी उत्तर) के वशिष्ठ शिक्षक, विकलांगता का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी करने के गंभीर आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र पांडेय ने बताया कि इन शिक्षकों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
DEO ने सख्त लहजे में कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निलंबन के साथ-साथ इन सभी के खिलाफ आगे की विभागीय व कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से जिले के शिक्षक महकमे में हड़कंप मच गया है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट