गोपालगंज: विशम्भरपुर सिरकटा कांड का सनसनीखेज खुलासा, 2 लाख की सुपारी देने वाला खुद बना शिकार, 2 गिरफ्तार

बिहार के गोपालगंज जिले क़े विशम्भरपुर पुलिस ने दियर विजयपुर गन्ने के खेत से बरामद सिरकटा शव मामले का महज 15 दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 27, 2026, 9:21:00 PM

बिहार के गोपालगंज जिले क़े  विशम्भरपुर पुलिस ने दियर विजयपुर गन्ने के खेत से बरामद सिरकटा शव मामले का महज 15 दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

गन्ने के खेत में मिला था बिना सिर का धड़....

मामला बीती 12 जून 2026 का है, जब विशम्भरपुर थाना क्षेत्र के दियर विजयपुर स्थित एक गन्ने के खेत से एक अज्ञात व्यक्ति का सिर कटा शव बरामद हुआ था। शव की स्थिति को देखकर ही साफ था कि हत्या बेहद नृशंस तरीके से की गई है।

तत्कालीन परिस्थितियों में मृतक की पहचान करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल  का गठन किया गया था। इस टीम में सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष विशम्भरपुर, और DIU के पुलिस निरीक्षक हरेन्द्र कुमार सिंह, ओमप्रकाश चौहान सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे।

मोटरसाइकिल और कपड़ों से हुई शिनाख्त...

SIT ने जब घटनास्थल की बारीकी से जांच की, तो वहाँ मिले कपड़ों और पास ही लावारिस हालत में मिली एक मोटरसाइकिल के आधार पर मृतक की पहचान हो सकी। मृतक की शिनाख्त कुचायकोट थाना क्षेत्र के सिरसिया गाँव निवासी मोहम्मद राजा क़े पुत्र मोहम्मद मुस्तफा के रूप में हुई।

अवैध संबंध और शोषण बनी हत्या की वजह...

पुलिस अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के गहन विश्लेषण से यह बात सामने आई कि मृतक मोहम्मद मुस्तफा के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे। वह महिलाओं को बहला-फुसलाकर उनके साथ संबंध बनाता था और फिर उनका लगातार शोषण करता था। इसी बीच, एक नाबालिग लड़की के साथ भी उसके अवैध संबंध और शोषण का मामला सामने आया।

दो लाख की सुपारी देकर खुद फंसा मुस्तफा...

जांच में जो सबसे चौंकाने वाला मोड़ आया, वह यह था कि मोहम्मद मुस्तफा ने उस नाबालिग लड़की के पिता और उसके होने वाले पति को अपने रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। इस काम के लिए उसने अपने दोस्त लालबाबू यादव की मदद ली। लालबाबू के जरिए तीन अन्य शूटरों से संपर्क किया गया और उन्हें दोनों व्यक्तियों की हत्या के लिए 2 लाख रुपये की सुपारी दी गई।

शूटरों ने पलट दिया 'गेम'...

जिन अपराधियों को मुस्तफा ने सुपारी दी थी, वे मुस्तफा के खराब चरित्र और उसकी काली करतूतों से अच्छी तरह वाकिफ थे। अपराधियों ने आपस में बैठकर योजना बदली और तय किया कि दो निर्दोष व्यक्तियों (लड़की के पिता और होने वाले पति) को मारने के बजाय, खुद मोहम्मद मुस्तफा को ही रास्ते से हटा दिया जाए।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम..

पूर्व नियोजित साजिश के तहत, घटना के दिन मुस्तफा का दोस्त लालबाबू यादव उसे बहला-फुसलाकर दियर विजयपुर ले गया। वहाँ पहले से घात लगाए बैठे लालबाबू यादव, शंभू यादव और उनके अन्य सहयोगियों ने मिलकर मोहम्मद मुस्तफा पर धारदार हथियार चाकू से हमला कर दिया और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने धड़ को गन्ने के खेत में फेंक दिया और सिर तथा चाकू को दूसरी जगह छिपा दिया।

FSL टीम ने किया वैज्ञानिक परीक्षण...

गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों ने पुलिस की कड़ी पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्हीं की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चाकू और मृतक का कटा हुआ सिर बरामद किया.बरामद सामग्रियों का वैज्ञानिक परीक्षण कर इसे आगे की जांच के लिए भेजा जा रहा है।

क्या बोले एसपी...

यह मामला तकनीकी और व्यावहारिक रूप से बेहद पेचीदा था क्योंकि शुरुआत में शव की पहचान ही नहीं थी। लेकिन SIT ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर महज 15 दिनों में इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का सफल उद्भेदन कर लिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी बचे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट.