बिहार के गोपालगंज और सीवान जिले में आतंक का पर्याय बने कुख्यात पशु तस्कर अरमान खान उर्फ हासमदुद्दीन खान के खिलाफ अब पुलिस ने और भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। गोपालगंज पुलिस ने अरमान खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज करने की आधिकारिक अनुशंसा की है।
बिहार और यूपी में दर्ज है दर्जनों मामले
बता दें कि कुख्यात पशु तस्कर अरमान खान मूल रूप से सिवान जिले के बड़हरिया थाने के लौआन गांव का रहने वाला है।जिसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज है। वह लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध पशु तस्करी के सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था।
अवैध संपत्ति और आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करेगी पुलिस
गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर इलाकों तक सक्रिय अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। गोपालगंज पुलिस सभी बड़े अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क और उनकी आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को खंगाल रही है। अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना हमारी प्राथमिकता है और इसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
क्या होगा इस कार्रवाई का असर...
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से PMLA के तहत केस दर्ज होने के बाद, यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास जा सकता है। इसके बाद अरमान खान और उसके गिरोह द्वारा पशु तस्करी के जरिए बनाई गई करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और जमीनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से गोपालगंज और सीवान के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अन्य बड़े अपराधियों और तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट