बिहार में संगठित अपराध और अपराधियों के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए गोपालगंज पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कुख्यात अपराधी अमरेश शाही द्वारा अपराध की दुनिया से अवैध रूप से अर्जित की गई लगभग 14 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत आगे की सख्त कार्रवाई के लिए एक विस्तृत प्रतिवेदन आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार, पटना को प्रेषित कर दिया है।
जांच में हुआ बेहिसाब संपत्ति का खुलासा...
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, कुचायकोट थाना कांड संख्या-76/2026 के अनुसंधान के दौरान कुचायकोट थाने क़े बखरी गांव निवासी रामजी शाही क़े पुत्र अमरेश शाही के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। जांच में यह बात सामने आई कि अमरेश शाही लंबे समय से संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और इसी काली कमाई के जरिए उसने अपने और अपने परिजनों के नाम पर भारी संपत्ति खड़ी की है।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने जिला निबंधन कार्यालय, जिला परिवहन कार्यालय और विभिन्न बैंकों से मिले दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया। जांच में अभियुक्त और उसके परिवार के नाम भारी मात्रा में कृषि भूमि, आवासीय भूमि और आलीशान आवासीय भवन. ट्रक, बस, जेसीबी स्कॉर्पियो, बोलेरो और कार सहित कई अन्य कीमती वाहन का पर्दाफाश किया। पुलिस ने इन सभी चिन्हित संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 14 करोड़ रुपये आंका है। जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्त द्वारा कोई आयकर विवरणी प्रस्तुत नहीं की गई थी, जिससे साफ होता है कि वैध आय के स्रोतों से इतनी बड़ी संपत्ति बनाना नामुमकिन था।
अभियुक्त पर दर्ज हैं कई गंभीर मामले....
कुख्यात अमरेश शाही का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे कई संगीन मामले वर्ष 1995 से लेकर 2026 तक दर्ज हैं।
पुलिस की चेतावनी: रडार पर हैं अन्य अपराधी भी...
गोपालगंज पुलिस ने साफ किया है कि जिले में सक्रिय अन्य ऐसे अपराधियों को भी चिन्हित कर लिया गया है, जिनके खिलाफ अनुसूचित अपराध और संगठित अपराध के मामलों में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं और जिन्होंने अपराध के बल पर अवैध संपत्तियां बनाई हैं।
बोले एसपी...
वहीं संपत्ति का खुलासा करने के बाद एसपी विनय तिवारी ने कहा कि अपराधियों के केवल शरीर को जेल भेजना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना पुलिस की प्राथमिकता है। जिले के अन्य अपराधियों के खिलाफ भी PMLA और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत ऐसी ही कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट