रोहतास से गोपालगंज तक फर्जीवाड़ा : फर्जी नंबर प्लेट पर गाड़ियों की नीलामी का खेल, EOU ने पुलिस अधिकारी समेत 3 को दबोचा

पटना उच्च न्यायालय द्वारा चार नवंबर 2025 को पारित आदेश के बाद अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शराब तस्करी और फर्जीवाड़े से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है।

पटना/गोपालगंज : पटना उच्च न्यायालय द्वारा चार नवंबर 2025 को पारित आदेश के बाद अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शराब तस्करी और फर्जीवाड़े से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। रोहतास जिले को करगहर को रहने वाले याचिकाकर्त्ता राधेश्याम सिंह ने पटना हाईकोर्ट में दरवाजा खटखटाया था। जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर आर्थिक अपराध थाने में यह मामला दर्ज हुआ था। यह प्राथमिकी तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक (गोपालगंज), नीलामी समिति के सदस्यों, बीडर रियाजुल आलम व अन्य के विरुद्ध भारतीय दंड विधान और बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

क्या है पूरा मामला...

आपको बता दें कि 19 जून 2020 को सिधवलिया पुलिस ने लगभग 340 लीटर शराब के साथ एक स्कॉर्पियो गाड़ी पकड़ी थी। इस संबंध में सिधवलिया थाना कांड संख्या-125/2020 दर्ज कर अनुसंधानकर्ता के रूप में तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र राम को नियुक्त किया गया था। पुलिस की सुरुवाती जांच में पाया गया कि गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी जबकि गाड़ी के इंजन नंबर और चेचिस नंबर के आधार पर उसका असली रजिस्ट्रेशन नंबर JH01CJ-7840 था। 

बिना इंजन और चेचिस नंबर के सत्यापन के, गाड़ी को फर्जी नंबर प्लेट के आधार पर ही अधिग्रहित कर नीलाम कर दिया गया

आरोप है कि बिना इंजन और चेचिस नंबर के सत्यापन के, गाड़ी को फर्जी नंबर प्लेट के आधार पर ही अधिग्रहित कर नीलाम कर दिया गया। इसके चलते गाड़ी के असली मालिक राधेश्याम सिंह को अपना पक्ष रखने का अवसर ही नहीं मिला। उल्लेखनीय है कि राधेश्याम सिंह की यह स्कॉर्पियो गाड़ी पहले चोरी हो गई थी, जिसके संबंध में उन्होंने रोहतास के दिनारा थाना में मामला दर्ज कराया था।

जांच में अब तक हुई गिरफ्तारियां

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा इस मामले में अनुसंधान के दौरान कई अधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता पाई गई है, जिसके तहत हाल ही में कड़ी कार्रवाई की गई है। सिधवलिया थाना कांड के तत्कालीन जांच अधिकारी एवं वर्तमान में बघैला थाना रोहतास में पदस्थापित राजेंद्र राम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जबकि जिला परिवहन कार्यालय गोपालगंज को लिपिक कन्हैया लाल और डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अली अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

9 अक्टूबर को गिरफ्तार हुआ प्रमोद कुमार

आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में प्राथमिक नामजद आरोपी प्रमोद कुमार को नौ अक्टूबर को गिरफ्तार किया। करीब 25 वर्षीय प्रमोद कुमार लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के जहाना गांव का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र समर्पित किया जा चुका है। इसके अलावा आरोपी रोहित कुमार उर्फ मुरारी को नवादा नगर थाना कांड संख्या 610/2026 के तहत इस मामले में रिमांड किया गया है।

परीक्षा में धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गलत तरीके से प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गिरोहों और आर्थिक लाभ के लिए परीक्षा में धांधली करने वाले व्यक्तियों एवं समूहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी किऊल थाना कांड संख्या 64/2026 के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है। मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का सत्यापन कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पटना ब्यूरो/प्रदीप कुमार की रिपोर्ट