संवेदनहीनता की हद: Dial 112 की टीम ने लाचार महिला को अस्पताल के गेट पर फेंका

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 20, 2026, 12:04:00 PM

राज्य के गोपालगंज जिले से बडी खबर है। यहां एक बेहद संवेदनहीन खबर सामने आयी है। खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।  मिली जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन की त्वरित सेवा और सुरक्षा का दावा करने वाली क्विक रिस्पांस टीम (Dial 112) का एक बेहद शर्मनाक और संवेदनहीन चेहरा सामने आया है। भोरे थाना क्षेत्र में पुलिस ने इंसानियत को तार-तार करते हुए एक विक्षिप्त महिला को मदद देने के बजाय अस्पताल के मुख्य द्वार पर लावारिस हालत में फेंक दिया। मिली जानकारी के अनुसार,महिला भोरे थाना क्षेत्र स्थित लखराव नहर के किनारे विक्षिप्त स्थिति में पड़ी हुई थी। स्थानीय स्तर पर सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची Dial 112  ने महिला को सुरक्षित इलाज कराने के बजाय उसे लाकर भोरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर छोड़ दिया और वहां से चलती बनी।

हद तो तब हो गयी, जब अस्पताल के चौखट पर पहुंची यह महिला घंटों पानी में पड़ी रही। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण कुछ भी बोलने में असमर्थ है और किसी से कोई बात नहीं कर रही है। समाचार लिखे जाने तक महिला की पहचान नहीं हो सकी है। वही इस पुरे मामले में भोरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात सुरक्षा कर्मी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस महिला को डायल 112 की टीम लेकर आई है।

इस पूरे घटनाक्रम पर जब भोरे थाना अध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा। प्रशासनिक अधिकारियों की यह चुप्पी उनके रवैये पर और भी बड़े सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों में पुलिस के इस रवैये को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारी इस पर क्या संज्ञान लेते हैं?

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट