गया जंक्शन पर RPF की बड़ी कार्रवाई: दून एक्सप्रेस से 102 जिंदा कछुए बरामद, कीमत करीब 51 लाख

गया : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन विलेप के तहत आरपीएफ की संयुक्त टीम ने गया जंक्शन पर गश्त के दौरान दून एक्सप्रेस से 102 जिंदा कछुए बरामद किए हैं।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 19, 2025, 3:30:00 PM

गया : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है।

ऑपरेशन विलेप के तहत आरपीएफ की संयुक्त टीम ने गया जंक्शन पर गश्त के दौरान दून एक्सप्रेस से 102 जिंदा कछुए बरामद किए हैं। बरामद कछुओं की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 51 लाख रुपये बताई जा रही है। सभी कछुओं को सुरक्षित रूप से वन विभाग को सौंप दिया गया है।

यह कार्रवाई गुरुवार रात करीब 10:30 बजे की है। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट गया के निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव और अपराध आसूचना शाखा के निरीक्षक चंदन कुमार के नेतृत्व में स्टेशन परिसर में अपराध नियंत्रण और निगरानी के लिए संयुक्त गश्त की जा रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर खड़ी ट्रेन संख्या 13010 दून एक्सप्रेस के कोच एस-3 की तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान कोच में रखे पांच पिठू बैग और एक झोला संदिग्ध अवस्था में पाए गए। जब आरपीएफ टीम ने बैगों को खोला तो उनमें कुल 102 जिंदा कछुए मिले। आसपास बैठे यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी इन बैगों पर अपना दावा नहीं किया। इसके बाद सभी बैग जब्त कर कछुओं को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट गया लाया गया।

आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव ने बताया कि कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित और अमूल्य प्रजाति है। प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। तत्काल इसकी सूचना गया वन विभाग को दी गई।

सूचना मिलने पर वन विभाग की रेंज अधिकारी आरती कुमारी आरपीएफ पोस्ट पहुंचीं, जहां सभी कछुओं को संरक्षण और आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया।

इस संयुक्त अभियान में आरपीएफ के कई अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही। आरपीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे सुरक्षा बल न केवल यात्रियों की सुरक्षा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और तस्करी रोकने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई तस्करों के लिए एक बड़ा संदेश है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।