प्यार कब, कहां और कैसे हो जाए ये कोई नहीं कह सकता। प्यार की न तो कोई उम्र होती और न ही सीमा, इसका न तो कोई मजहब होता है और न ही धर्म। प्यार सरहदों का मोहताज नहीं होता है। शायद यही प्यार की खूबसूरती भी है। जब दो लोग एक-दूसरे को पसंद करने लगते हैं, तो उनके बीच की दूरी और भाषा भी रिश्ते में बाधा नहीं बनती है। ऐसी ही अनोखी प्रेम कहानी है बिहार के भागलपुर के राहुल यादव और रूस की युवती जूली की है।
राहुल काम के सिलसिले में रूस गए थे और वहां की जूली को देख उस पर फिदा हो गए। आग दोनों तरफ लगी थी। जूली का भी यही हाल था। कहां गोरी चिट्टी मेम और कहां बिहार का छोरा। लेकिन दिल लगी दीवार से तो हूर परी क्या चीज है। जूली दो दिन पहले अपने परिवार के साथ भागलपुर पहुंची हैं और दोनों की शादी की तैयारियां चल रही है।
रूस की गोरी मेम जूली दो दिन पहले भागलपुर आ गई। नवंबर में शहनाई बजनी है लेकिन राहुल का घर झोपड़ी का है। फिर भी जूली को कोई फर्क नहीं पढ़ा, वो तो झोपड़ी में रहने को भी तैयार हो गई है। बताया जा रहा है कि भागलपुर के रहने वाले राहुल यादव काम के सिलसिले में रूस गए थे। जहां उनकी मुलाकात रूस की रहने वाली जूली से हुई। जूली को देखते ही राहुल उस पर फिदा हो गए। शुरुआती मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और एक-दूसरे को समझने का मौका मिला। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के इतने करीब आ गए कि साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।
अब दोनों अपने रिश्ते को शादी के बंधन में बांधने की तैयारी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में जूली रूस से अपने पूरे परिवार के साथ बिहार के भागलपुर पहुंची हैं। जूली के परिवार के भारत पहुंचने के बाद अब शादी की तैयारियों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। अपने बीच रूस की गोरी मेम को देखकर इलाके में हलचल तेज हो गई है। इस रिश्ते को लेकर गांव के लोग भी काफी उत्सुक है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल यादव और जूली नवंबर महीने में शादी करने की योजना बना रहे हैं। जूली का परिवार भी यहां पहुंच गया है। फिलहाल भागलपुर में राहुल और जूली की प्रेम कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। राहुल और जूली की प्रेम कहानी ने बता दिया कि प्यार दो अलग देशों और संस्कृतियों के लोगों को भी एक साथ ला सकता है। कहां बिहार और कहां रूस, लेकिन प्यार ने दोनों को साथ मिला दिया और अब दोनों प्रेमी जीवनसाथी बनने जा रहे हैं।