भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड परिसर में प्रस्तावित पावर प्लांट से जुड़ी रेल और सड़क कॉरिडोर परियोजना को लेकर सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) के तहत जनसुनवाई आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और एसआईए से जुड़े विशेषज्ञों ने स्थानीय जमीन मालिकों से बातचीत कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, नियमों और मुआवजे से संबंधित जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विक्रम भास्कर झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार, बीएसपीजीसीएल के प्रतिनिधि शशिकांत कुमार और दीपक कुमार तथा एसआईए रिसर्च संस्थान के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मसखूर हुसैन मौजूद रहे। अधिकारियों ने उपस्थित रैयतों को बताया कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण किस तरह किया जाएगा और इसके बदले मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया क्या होगी।
जनसुनवाई के दौरान कई जमीन मालिकों ने अपनी शंकाएं और सुझाव समिति के सामने रखे। समिति के सदस्यों ने उनके सवालों का जवाब देते हुए अधिग्रहण और परियोजना से जुड़ी जानकारी स्पष्ट की।
जानकारी के अनुसार पावर प्लांट तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित सड़क और रेल कॉरिडोर के निर्माण हेतु करीब 146 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इस अधिग्रहण से कुल 169 रैयतों की भूमि प्रभावित होने की संभावना है। अधिग्रहण की जाने वाली जमीन हरिणकोल, बंधु जयराम, बसंतपुर और नगर पंचायत पीरपैंती क्षेत्र में स्थित है।
बैठक में हरिणकोल के वीरेंद्र सिंह और मुन्ना सिंह, बसंतपुर के अजय सिंह, कुंजवन्ना के जयंत सिंह, बलवंत सिंह, पंकज सिंह, सोनी सिंह, बमबम सिंह और रत्नेश सिंह सहित कई रैयत मौजूद रहे। इसके अलावा हीरानंद गांव के कांतेश कुंवर, बृजकिशोर कुंवर और शिवनारायण कुंवर, इंदु देवी, बंधुजयराम पंचायत के प्रभु यादव, शिवशंकर यादव, अंकुर कुमार, ब्रजकिशोर और फुलकुमारी देवी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
नगर पंचायत क्षेत्र से निर्मल शाह, विजय कुमार साह, मो. शरीफ अंसारी, मो. महताब आलम और मो. शमीम समेत अन्य स्थानीय लोग भी जनसुनवाई में शामिल हुए। इस मौके पर हरिणकोल के सरपंच वरुण गोस्वामी सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे।