राज्य के पश्चिम चंपारण से बडी खबर है। यहां चर्चित पिंटू यादव हत्याकांड मामले में एडीजे 4 मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिसके बाद हत्यारों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बगहा जेल भेज दिया गया है। हालांकि मामले में एक जुलाई को सज़ा का ऐलान किया जायेगा। कोर्ट के इस फ़ैसले पर मृतक के परिजनों नें संतोष जताते हुए न्याय मिलने पर भगवान का शुक्रिया अदा किया है।
मिली जानकारी के अनुसार बगहा के रामनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित पिंटू यादव हत्याकांड मामले में एडीजे 4 मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। धारदार हथियार से समूह में पिंटू की निर्मम हत्या के इस मामले में सजा की बिंदु पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत एक जुलाई को अंतिम फैसला सुनाएगी। लिहाजा दोष सिद्ध होने के बाद जमानत पर चल रहे तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हत्या का यह मामला रामनगर थाना कांड संख्या 596/2024 से संबंधित है। मृतक के परिजन मुकेंद्र यादव के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में गोलू कुमार यादव, अनिता देवी और कीर्ति यादव को आरोपी बनाया गया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 26 दिसंबर 2024 की सुबह करीब साढ़े आठ बजे मुड़िला गांव में नाली विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। सूचना मिलने पर जब सूचक मुकेंद्र यादव घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर रहे हैं। घटना में उनके भाई ननक यादव, पिंटू यादव, बहन निशा कुमारी और मां मुन्नी देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि मारपीट के दौरान पिंटू यादव को बेरहमी से पीटा गया औऱ उनपर चाकू से हमला किया गया जिससे उनकी मौत हो गई।
इस सम्बन्ध में अपर लोक अभियोजन पदाधिकारी जीतेन्द्र भारती नें बताया की आरोप है कि अस्पताल परिसर में भी आरोपियों ने मृतक औऱ उसके परिजनों के साथ जमकर मारपीट की, जहां मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर उन्हें बचाया लेकिन पिंटू को अस्पताल में चिकित्स्कों नें मृत घोषित कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता कामरान अज़ीज़ ने प्राथमिकी दर्ज करने में देरी, घटना स्थल से खून के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने, हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी नहीं होने समेत गवाहों के बयानों में कथित विरोधाभास का हवाला देते हुए आरोपियों को बरी करने की मांग किया। वहीं एपीपी जितेंद्र भारती ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों की गवाही औऱ रामनगर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण प्रमाण बताया, लिहाजा कोर्ट नें महिला समेत तीनों आरोपियों पर दोषी सिद्ध किया। बता दें की दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और न्यायालय में मौजूद साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया लेकिन अब एक जुलाई को अदालत यह तय करेगी कि दोषियों को सज़ा ए मौत दी जाएगी या उम्र कैद की सजा दी जाएगी। बहरहाल कोर्ट के इस फ़ैसले पर मृतक के परिजनों नें संतोष जताते हुए न्याय मिलने पर भगवान का शुक्रिया अदा किया है।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट