खबर बेतिया से है, जहां सारण शिक्षक निर्वाचन चुनाव अब अपने चरम सीमा पर पहुंच गईं है। एनडीए गठबंधन के एमएलसी प्रत्याशी आनंद पुष्कर और निर्दलीय रमेंद्र राय तथा वर्तमान एमएलसी मो. अफाक के बीच मुकाबला बेतिया में बनी हुई है। वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए हर प्रयास में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में आज निर्दलीय प्रत्याशी रमेन्द्र राय ने बेतिया के एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि शिक्षक ही शिक्षक की दुख और दर्द को सुन सकता है और समझ सकता है।
उन्होंने कहा कि इत्तेफाक से मैं शिक्षक हूं और आरएसएस संगठन से ताल्लुक रखता हूं और मैं शिक्षक के दुख दर्द को भली-भांति समझता हूं और मैं उनके हक और इंसाफ की लड़ाई लड़ने का काम किया हूं और करता रहूंगा। इसके लिए मैं चुनाव मैदान में आया हूं, उन्होंने कहा कि जो भी चुनाव के मैदान में आए हैं, उनको आप भली भांति पहचानते हैं। पहले वही लोग किसी अन्य दल में थे, आज उस दल को छोड़कर एनडीए गठबंधन में आए हैं और चुनाव लड़ रहे हैं।
मैं आरएसएस के विंग से हूं और आशीष मिल रहा है। शिक्षकों का आशीर्वाद रहा तो जीतने के बाद सातवां वेतन आयोग के लिए लड़ूंगा और दिलवाकर ही दम लूंगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए लडूंगा जिऊंगा और उन्हीं के लिए मरूंगा। जबकि जनसुराज के प्रत्याशी मोहम्मद अफाक प्रशांत किशोर के नाम पर चुनाव जीतने की फिराक में हैं, वहीं एनडीए गठबंधन के आनंद पुष्कर मोदी जी के रथ पर सवार होकर यह चुनाव पार करना चाहते हैं। देखना है इस बार जनता किस को अपना आशीर्वाद देती है। मौके पर पवन कुमार सिंह विवेक कुमार चौबे उर्फ राम सहित कई दिग्गज उपस्थित थे।
बेतिया से परवेज आलम की रिपोर्ट