बेगूसराय : बिहार के बेगूसराय जिले में पुलिस को देखकर नदी में कूदे एक युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव के पास की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस किसी युवक को गिरफ्तार करने के लिए उसका पीछा कर रही थी। इसी दौरान युवक ने पुलिस को सामने देखकर बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी। नदी में डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने युवक का शव सड़क पर रखकर हंगामा किया और पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
गिरफ्तारी के लिए पीछा करने के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव में पुलिस की कार्रवाई के दौरान यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के लिए पीछा किए जाने के दौरान युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। इसी क्रम में उसने बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी। नदी में उतरने के बाद युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी जान चली गई।
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी। युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। हालांकि, मृतक की पहचान, पुलिस किस मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी और घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
शव सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने किया हंगामा
युवक की मौत से नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिसमें युवक की जान चली गई। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और गिरफ्तारी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ग्रामीणों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, जांच जरूरी
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर गिरफ्तारी के लिए पीछा करने के दौरान ऐसी परिस्थिति कैसे बनी, जिसमें युवक को नदी में छलांग लगानी पड़ी और उसकी जान चली गई। क्या मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने युवक को बचाने के लिए पर्याप्त प्रयास किए? क्या नदी में कूदने के बाद तत्काल बचाव अभियान चलाया गया? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ग्रामीणों के विरोध और पुलिस पर लगाए गए आरोपों के बीच घटना की निष्पक्ष जांच आवश्यक है
फिलहाल, ग्रामीणों के विरोध और पुलिस पर लगाए गए आरोपों के बीच घटना की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पुलिस की ओर से घटना के संबंध में आधिकारिक बयान, युवक की पहचान और पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है।
बेगूसराय से अजय कुमार शास्त्री की रिपोर्ट