आम तौर पर किसी भी शुभ अवसर पर किन्नर शामिल होते हैं। नाचते गाते हैं और बधाई देते हैं। किन्नरों की उपस्थिति को आम माना जाता है। अब तक यही खबरें सामने आती हैं लेकिन राज्य के बेगूसराय जिले से अचंभित करने वाली खबर है। यहां एक ऐसी शादी हुई है, जिसकी दूर दूर तक चर्चा हो रही है। दरअसल अबतक की चल रही रिवाज और परंपरा के अनुसार तथा प्रकृति द्वारा तय नियम के अनुसार वर और वधू में शादी होती है लेकिन बेगूसराय के एक युवा ने किन्नर से शादी की है। यह शादी एक तरफ जहां कौतूहल बनी हुई है वहीं दूसरी तरफ इलाके के लिए लडके की प्रशंसा भी कर रहे हैं। समाज वर के इस कदम की सराहना कर रहा है।
बेगूसराय जिले में एक अनोखी और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाली शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक किन्नर के घर बारात पहुंची, जहां पूरे रीति-रिवाज और पारंपरिक विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया। इस अनूठी शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे और नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। मिली जानकारी के अनुसार बेगूसराय के संजात के विकास ठाकुर ने मंझौल की सुशीला किन्नर के साथ शादी की। शादी समारोह को लेकर घर और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बारात के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। बारातियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिसके बाद जयमाला की रस्म संपन्न हुई। विवाह मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए गए और वर-वधू ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।
बताया जा रहा है कि इस बेहद अनोखे शादी समारोह के दौरान किन्नर समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शादी में गीत-संगीत और नृत्य का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने जमकर आनंद उठाया। पूरे आयोजन में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। इस अनूठी शादी को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाह समाज में समानता, सम्मान और स्वीकार्यता का संदेश देता है। बदलते समय के साथ समाज में सकारात्मक सोच विकसित हो रही है और हर व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। शादी समारोह में शामिल लोगों ने नवविवाहित जोड़े के सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है और लोग इसे सामाजिक बदलाव तथा समावेशी सोच की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।