शिक्षा के मंदिर को बना दिया था रिश्वतखोरी का अड्डा, टीचर को 10 हजार रिश्वत लेते निगरानी ने दबोचा

शिकायत के बाद निगरानी की टीम औरंगाबाद के बारूण आई और राजकीय केशव उच्च विद्यालय के रिश्वतखोर शिक्षक सह स्टूडेंट को-ऑर्डिनेटर शशिभूषण कुमार को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ धर दबोचा।

औरंगाबाद। सरकारी स्कूल के टीचर ने शिक्षा के मंदिर को रिश्वतखोरी का अड्डा बना दिया था। शिक्षक के बारे में शिकायतें आम थी कि, वह बिना रिश्वत लिए किसी विद्यार्थी का कोई काम नही करते। स्टूडेंट्स काम लटका दिये जाने से कही शिकायत नहीं करते थे, लेकिन एक स्टूडेंट के परिजन ने हिम्मत दिखाते हुए मामले की शिकायत बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से कर दी। 

शिकायत के बाद निगरानी की टीम औरंगाबाद के बारूण आई और राजकीय केशव उच्च विद्यालय के रिश्वतखोर शिक्षक सह स्टूडेंट को-ऑर्डिनेटर शशिभूषण कुमार को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम रिश्वतखोर टीचर को अपने साथ पटना ले गई है, जहां उसे शुक्रवार को  निगरानी की विशेष अदालत में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। 

बता दें कि वर्ष 2026 में यह निगरानी ब्यूरो की 97वीं प्राथमिकी और 90वां ट्रैप कांड है। इन 90 ट्रैप मामलों में अब तक 90 अभियुक्त रंगे हाथ गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब तक बरामद रिश्वत की कुल राशि ₹32,30,800 बताई गई है। वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज हुए थे और ₹37,80,300 रिश्वत बरामद हुई थी।

ब्यूरो रिपोर्ट