बिहार के भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौंटी गांव में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए गए भरत तिवारी की पुलिस कार्रवाई में मौत हो गई है। पुलिस टीम के सामने एक युवक द्वारा खुलेआम पिस्तौल तानने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क जाम कर दिया। परिजनों की ओर से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं इस मामले में शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
पुलिस का दावा है कि युवक ने फायरिंग की थी, जबकि परिवार का आरोप है कि सरेंडर के बाद उसे गोली मारी गई। अब पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है। परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी है। मामले में निष्पक्ष जांच की मांग लगातार बढ़ी है।
बताया जा रहा है कि बिलौंटी गांव में भरत भूषण तिवारी के अवैध हथियार लहराने की सूचना पर पुलिस टीम दबिश देने पहुंची थी। युवक पुलिसकर्मियों को हथियार लेकर धमका रहा था और फिर उसकी ओर से फायरिंग की गई जिसपर जवाबी कार्रवाई में पुलिस की फायरिंग में उसकी तीन गोली लगी और वह जख्मी हो गया। इसके बाद उसको इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर देखकर वहां के डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसको पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया जहां की इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद शव मृतक के गांव पहुंचा और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन लोगों ने बक्सर आरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है और जमकर हंगामा कर रहे हैं। मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने बताया कि जिस तरह से सरेंडर करने के बाद उसके बेटे की गोली मारकर हत्या की गई है, यह कहीं से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटे ने पिस्तौल पुलिसकर्मियों के सामने फेंक दिया था जिसके बाद उसको गोली मार दी गई और उसकी मौत हो गई।
वहीं इस घटना के बाद शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। जांच में ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही, सुस्ती और कर्तव्यहीनता सामने आने की बात कही गई है। भोजपुर एसपी राज की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई। साथ ही मौके पर तैनात एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को भी निलंबित कर दिया गया है। ऐसे में भरत तिवारी के एनकाउंटर पर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है। मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।