भोजपुरी फिल्मों के स्टार और बिहार विधान परिषद के सदस्य पवन सिंह अचानक सुबह चार बजे भरत तिवारी के घर पहुंचे। भोजपुरी सुपरस्टार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव पहुंचते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुबह 4:00 बजे भोर में अचानक पवन सिंह भरत तिवारी के घर पहुंच गए, जिस समय परिवार के लोग अभी नींद में ही थे। यहां उन्होंने पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक उनके साथ रहे। इस दौरान भरत तिवारी की बहन ने पवन सिंह के कलाई पर राखी बांधी और अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए गुहार लगाई। इस दौरान थोड़ी देर के लिए पवन सिंह भी भावुक हो गए और उन्होंने बहन को भरोसा दिलाया इस राखी के बदले वह भाई को न्याय दिलाने के लिए हर समय परिवार का सहयोग करेंगे एवं अंतिम दम तक लड़ाई लड़ने का काम करेंगे।
पवन सिंह ने भरत तिवारी के पिता मां भाई बहन सभी लोगों से मुलाकात कर घटना के संदर्भ में बातचीत की और कहा कि वह उनके घर के परिवार के सदस्य हैं उनके बेटे हैं भरत तिवारी उनका भाई था और उसको न्याय दिलाने को लेकर वह अंतिम दम तक लड़ाई लड़ने का काम करेंगे, भरत तिवारी के परिजनों द्वारा न्याय की मांग करने पर पवन सिंह ने उनका भरोसा दिलाया कि इस सरकार में उनको जरूर न्याय मिलेगा क्योंकि भरत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का काम किया था और परिवार के साथ इस लड़ाई को वह आगे ले जाने का काम करेंगे।
अचानक सुबह में भरत तिवारी के घर पवन सिंह के पहुंचते ही आसपास के लोगों की काफी भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि पवन सिंह को पहले यहां आना था लेकिन व्यस्तता की वजह से वह नहीं पहुंच सके थे। जिसके बाद अचानक वह सुबह में भरत के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। वहीं घर वालों से मुलाकात करके पवन सिंह ने भरोसा दिलाया कि घटना की न्यायिक जांच हो रही है परिवार वालों को भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि उनको न्याय जरूर मिलेगा।
बता दें कि बीते 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में कथित तौर पर गोली लगने से भरत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही भरत तिवारी के परिजन और समर्थक लगातार मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार की ओर से पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं, जबकि मामले की जांच को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। पवन सिंह के अचानक भरत तिवारी के घर पहुंचने से परिजनों में एक बार फिर न्याय की उम्मीद जगी है।