एनकाउंटर में युवक की मौत के बाद भोजपुर में भारी बवाल, खूब चले ईंट-पत्थर, 2 दारोगा समेत कई पुलिसकर्मी सस्पेंड

बिहार के भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में युवक की मौत के बाद भारी बवाल देखने को मिल रहा है। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और शव को रखकर आरा-बक्सर फोरलेन जाम कर दिया।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 18, 2026, 1:45:00 PM

बिहार के भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में युवक की मौत के बाद भारी बवाल देखने को मिल रहा है। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और शव को रखकर आरा-बक्सर फोरलेन जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस ने जिसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया था, उसका एनकाउंटर कर उसकी हत्या कर दी। 

लोगों का कहना है कि घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत कई पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही, सुस्ती और कर्तव्यहीनता सामने आने की बात कही गई है। 

भोजपुर एसपी राज की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई।  प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में पिस्टलधारी युवक भरत भूषण तिवारी को गोली लगी थी।  पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 

पटना में पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांव लाया गया। शव पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने बिलौटी गांव के समीप शव रखकर आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लोगों को समझाने-बुझाने में जुटे हुए हैं।

भरत भूषण तिवारी का शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। गुरुवार की सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बिलौटी गांव के समीप शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया।  करीब एक से डेढ़ हजार की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोग पुलिस की कार्रवाई से काफी नाराज दिखे। सड़क जाम के कारण आरा-बक्सर मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इससे यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

बताया जा रहा है कि मानसिक रूप से परेशान भरत भूषण तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद शाहपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस उसकी जांच और समझाने के लिए उसके घर पहुंची थी। इसी दौरान युवक उग्र हो गया और पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तान दी थी।  

अगले दिन बुधवार की सुबह भोजपुर पुलिस और पटना एसटीएफ की संयुक्त टीम युवक को पकड़ने के लिए दोबारा बिलौटी गांव पहुंची।  पुलिस का दावा है कि टीम को देखते ही भरत तिवारी ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस और युवक के बीच मुठभेड़ की स्थिति बन गई पुलिस के अनुसार युवक ने फायरिंग की, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग के दौरान भरत तिवारी के दोनों पैरों में गोली लगी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।