बिहार की लाइफलाइन टूटी, विक्रमशिला पुल गिरने से 16 जिलों से कटा भागलपुर

बिहार में एक बार फिर पुल गिरने की बड़ी घटना हुई है। भागलपुर को शेष बिहार से जोड़ने के कारण लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु बीच से टूटकर नदी में समा गया।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 04, 2026, 10:26:00 AM

बिहार में एक बार फिर पुल गिरने की बड़ी घटना हुई है।  भागलपुर को शेष बिहार से जोड़ने के कारण लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु बीच से टूटकर नदी में समा गया। कोसी और सीमांचल की ‘लाइफलाइन’ कहा जाने वाला भागलपुर का विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा रविवार की आधी रात पूरी पुल का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गंगा नदी में गिर गया। पिलर संख्या 4-5 के बीच का स्लैब गंगा की लहरों में समाने के साथ ही उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि 12:35 बजे पिलर धंसना शुरू हुआ और रात 1:00 बजे पूरी पुल का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गंगा नदी में गिर गया। पिलर में गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही सेतु पर तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत वरीय अधिकारियों को इस बात की सूचना दी।

आधी रात करीब 12:50 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास सड़क का एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा में गिर गया। हालांकि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासन की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। उस समय पुल पर कई वाहन मौजूद थे लेकिन समय रहते सभी को पीछे हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। 

भागलपुर डीएम नवल किशोर चौधरी ने  बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है और पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।  साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।  वहीं एसएसपी प्रमोद यादव ने बताया कि सभी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। अब भागलपुर से नवगछिया और सीमांचल जाने वाले लोगों को मुंगेर और सुल्तानगंज के रास्ते यात्रा करनी होगी विक्रमशिला सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। 

बता दें कि विक्रमशिला पुल गिरने से भागलपुर 16 जिलों से कट गया है। विक्रमशिला सेतु टूटने से भागलपुर का 16 जिलों से संपर्क टूट गया है। अब मुंगेर पुल ही आवागमन का एकमात्र सड़क मार्ग बचा है।  यात्री लखीसराय या बेगूसराय के मल्हीपुर होकर मुंगेर पहुंच सकते हैं। साल 2001 में राबड़ी देवी सरकार ने जब विक्रमशिला सेतु की सौगात दी, तो लगा कि यह संकट हमेशा के लिए खत्म हो गया।  लेकिन महज 25 साल में ही सिस्टम की लापरवाही ने लोगों को फिर उसी पुराने दौर की याद दिला दी है। नवगछिया की ओर से भागलपुर आने वाले सभी रास्ते अब पूरी तरह बंद हैं। जिला प्रशासन और यातायात विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक सड़क मार्ग से लंबी यात्रा करने से बचें।