13वीं से पहले अपराधी को माला पहना दीजिए, CM सम्राट ने DM-SP को साफ कह दिया

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। अधिवेशन भवन में आयोजित बैठक में सीएम ने सभी डीएम और एसपी को कई जरूरी निर्देश दिए।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Apr 30, 2026, 2:52:00 PM

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। अधिवेशन भवन में आयोजित बैठक में सीएम ने सभी डीएम और एसपी को कई जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डीएम और एसपी को स्पष्ट कहा कि अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले। 

यह बैठक उद्योग, अपराध नियंत्रण और जनता को बेहतर सेवा देने जैसे मुद्दों पर केंद्रित थी। मुख्यमंत्री ने सभी डीएम और एसपी को कहा, बच्चियों से जुड़े हिनियस क्राइम में तुरंत एक्शन लीजिए। पीड़ित/मृत बच्चियों की तेरहवी से पहले अपराधियों की तस्वीर पर माला पहना दीजिए। उन्होंने कहा कि हर जिले में इंडस्ट्री हब बनाया जाए और उद्योग लगाने वाले कारोबारियों को पूरी सुरक्षा दी जाए।  बाहर से आने वाले निवेशकों के लिए एक अधिकारी को जिम्मेदार बनाया जाए, ताकि उनकी जरूरतों को समय पर पूरा किया जा सके।  

सीएम ने डायल 112 सेवा को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।  साथ ही उन्होंने कहा कि खासकर बच्चियों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को जल्द सजा दिलाई जाए।  इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रोज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहें, ताकि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। पब्लिक की सुनिए, उनकी समस्याओं का निदान कीजिए।

सीएम सम्राट ने कहा कि सही सोच वाले डीएम और एसपी जिले की 75% समस्याओं को खुद खत्म कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने और परिणाम देने की नसीहत दी। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो महीने के भीतर बेहतर परिणाम देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता विकास के साथ-साथ मजबूत कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

वहीं मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों से अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करने को कहा। जबकि डीजीपी विनय कुमार ने निर्देश दिया कि आदतन अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए और कोर्ट में मजबूत पैरवी कर उनकी जमानत रुकवाई जाए।