बिहार में बिछेगा पटरियों का जाल, 29 नई रेल लाइन से बदल जाएगी तस्वीर, किऊल-झाझा तीसरी लाइन को मंजूरी

बिहार में पटरियों का जाल बिछाया जा रहा है। रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। रेल मंत्रालय ने बिहार में कुल 29 नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए प्रारंभिक इंजीनियरिंग और यातायात सर्वेक्षण को हरी झंडी दे दी है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 20, 2026, 5:23:00 PM

बिहार में पटरियों का जाल बिछाया जा रहा है। रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। रेल मंत्रालय ने बिहार में कुल 29 नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए प्रारंभिक इंजीनियरिंग और यातायात सर्वेक्षण को हरी झंडी दे दी है। इन रेल लाइनों के बनने से जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ सकेगी। साथ ही रेल यात्रियों का सफर भी आसान हो सकेगा। रेलवे बोर्ड ने बिहार की रेल परियोजनाओं को रफ्तार देते हुए किऊल से झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन के निर्माण को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। 

रेलवे बोर्ड ने बिहार के विभिन्न हिस्सों में कुल 29 नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए एलाइनमेंट (जमीनी रूट) तय करने की महत्वपूर्ण प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।  इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 1763.87 किलोमीटर की दूरी में नई रेल लाइनें बिछाई जानी हैं।  कुल 267 लाख रुपये से 1763.87 किमी में नई रेल लाइन बनाने के लिए (प्रारंभिक इंजीनियरिंग-सह-यातायात सर्वेक्षण) सर्वे किया जाएगा। सर्वे के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2.67 करोड़ की राशि जारी की गई है। जैसे-जैसे सर्वे का काम आगे बढ़ेगा, राशि में बढ़ोतरी होगी। 

किऊल से झाझा रेलवे स्टेशन के बीच की कुल 54 किलोमीटर की दूरी में इस तीसरी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट पर रेल मंत्रालय द्वारा 965 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी।  पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) से किऊल तक तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जबकि किऊल से झाझा के बीच इस व्यस्त रूट पर केवल तीसरी रेल लाइन का निर्माण होना तय हुआ है। सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसियां अपनी रिपोर्ट रेलवे मंडलों को सौंपेंगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

नई रेल परियोजनाओं में मिथिला, सीमांचल, मगध और उत्तर बिहार के कई इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। मधुबनी से जनकपुर रोड के बीच सहार होते हुए करीब 50 किलोमीटर लंबी लाइन का प्रस्ताव है। कुशेश्वरस्थान से सहरसा तक 35 किलोमीटर और भगवानपुर-महुआ-ताजपुर-समस्तीपुर के बीच करीब 60 किलोमीटर लंबी नई लाइन भी प्रस्तावित है। 29 रेल लाइनों के एलाइनमेंट के लिए प्रशासनिक तौर पर मंजूरी मिल गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत लगभग 1763.87 किलोमीटर की दूरी में रेल लाइनें बिछाई जायेंगी। इस काम के लिए रेलवे की ओर से प्रारंभिक इंजीनियरिंग-सह-यातायात सर्वेक्षण आयोजित किए जाने का आदेश जारी किया गया है।

इस महा-सर्वेक्षण कार्य को बिना किसी बाधा के समय पर पूरा करने के लिए रेलवे बोर्ड ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से 2.67 करोड़ रुपये (267 लाख रुपये) की प्रारंभिक राशि तत्काल प्रभाव से जारी कर दी है। पूर्व मध्य रेल (ECR) के अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे संबंधित रूटों पर सर्वे का काम धरातल पर आगे बढ़ेगा, आवंटित बजट की राशि में आवश्यकतानुसार और बढ़ोतरी की जाएगी। 

आधिकारिक रूप से उपलब्ध प्रमुख लाइनों की सूची

मधुबनी–जनकपुर रोड (सहार होते हुए)- 50 किमी

नवादा – गिरिडीह (सतगवां होते हुए) -130 किमी

कुशेश्वरस्थान – सहरसा – 35 किमी

भगवानपुर – महुआ – ताजपुर – समस्तीपुर- 60 किमी

घोगार्डिया से घोघेपुर (किशनपत्ती, जमालपुर होते हुए) – 50 किमी

पावापुरी – नवादा – 35 किमी

महेशखूंट – नारायणपुर (गोगरी, पर्वता, डुमरिया होते हुए) – 40 किमी

इस्लामपुर – बोधगया (मानपुर होते हुए) – 50 किमी

बिहारशरीफ – जहानाबाद (एकंगरसराय होते हुए) – 65 किमी

बिहारीगंज – बिहपुर (चौसा और पचरासी होते हुए)

थावे – मोतिहारी (चौरा दानो के बीच) – 90 किमी

मधुबनी – कामतौल – 30 किमी

बहेड़ी – शिवाजीनगर – रुसेरा (मंझौल और बरौनी होते हुए)

बांका – जमुई – नवादा – 165 किमी

लोहना – मुक्तापुर (अलीनगर, त्रिमुहानी, बाहेदी होते हुए)

चकिया – बैरगानिया (मधुबनी, फेनहारा होते हुए)

अरेराज – नरकटियागंज (लौरिया होते हुए)

मुगलसराय – भभुआ (नौघोर होते हुए) – 40 किमी

चकिया – केसरिया (कैथवलिया होते हुए)