बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE 4.0) के विज्ञापन में देरी से शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। छात्र संगठनों के लगातार अल्टीमेटम के बाद भी विज्ञापन जारी होने का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। शिक्षक अभ्यर्थियों ने एक बार फिर सम्राट सरकार को चेतावनी देते हुए बड़ा ऐलान किया है।
बीपीएससी टीआरई-4 विज्ञापन में देरी को लेकर अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। लगभग 46,000 से अधिक पदों पर भर्ती की उम्मीद लगाए लाखों बीएड (B.Ed) और डीएलएड (D.El.Ed) डिग्री धारकों का धैर्य जवाब देने लगा है। लगातार डेट टलने से नाराज छात्रों ने विरोध को तेज कर दिया है और आंदोलन की चेतावनी दी है।
शिक्षक अभ्यर्थियों ने कल यानि 27 अप्रैल (सोमवार) को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (X) पर हैशटैग अभियान चलाने का ऐलान किया है। राज्यभर के अभ्यर्थियों से अभियान में जुड़ने की अपील की गई है। अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि बीपीएससी कैलेंडर के अनुसार, चौथे चरण की परीक्षा सितंबर 2026 में होनी है, लेकिन अभी तक आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग से अधियाचना (रिक्तियां) मिलने के बाद भी आयोग द्वारा विज्ञापन निकालने में देरी से छात्रों में निराशा है। छात्रों का आरोप है कि सरकार और शिक्षा मंत्री द्वारा लगातार 10-15 दिनों में वैकेंसी आने का आश्वासन दिया जा रहा था, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
वहीं दूसरी तरफ परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब आयोग ने यह जानकारी दे दी है कि 22 से 27 सितंबर 2026 बीपीएससी टीआरई-4 की परीक्षा आयोजित की जाएगी। तो इसमें देरी की बात नहीं है। आमतौर पर परीक्षा से 3 महीने पहले प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर हम अन्य कामों पर ध्यान देने लगते हैं। लेकिन अभी 6 महीने बाकी है। ऐसे में मुझे समझ नहीं आता कि विज्ञापन को लेकर इतनी हड़बड़ी क्यो हैं? कुछ लोग बहकावे में आकर परेशान हो रहे हैं।
बता दें कि बीपीएससी शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE 4.0) में कुल 46 से ज्यादा रिक्तियां हैं। जिसमें 1-5वीं कक्षा तक 10, 778 वैकेंसी, 6-8 तक 8583, माध्यमिक वर्ग 9-10 तक 9082, उच्च माध्यमिक 11-12 में 16,774 वैकेंसी हैं। वहीं एससी-एसटी कल्याण विभाग में 1-5वीं में 239, 6-9 कक्षा तक 316, कक्षा 11-12 में 489 और प्रधानाध्यापक की 09 रिक्तियां हैं। वहीं अल्पसंख्यक विभाग में कक्षा 9-10 तक 98, कक्षा 11 से 12वीं तक 180 और प्रधानाध्यापक में 09 रिक्तियां हैं।