सम्राट सरकार ने 11 शहरों में नए सैटेलाइट टाउन बनाने की घोषणा की है। इस टाउनशिप प्रस्ताव के तहत बिहार के 11 प्रमुख शहरों में दिल्ली, नोएडा, की रह आधुनिक कॉलोनियां बसाई जाएगी। इन 11 टाउनशिप प्रोजेक्ट के चिह्नित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिसको लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। अब सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी दी गई है। नगर एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर सेटेलाइट टाउनशिप पर स्थिति स्पष्ट किया है।
नगर एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर स्पष्ट किया कि जमीन जबरन नहीं ली जाएगी, बल्कि लैंड पूलिंग मॉडल के तहत 55% विकसित जमीन वापस दी जाएगी। हमलोग किसी की जमीन जबरन नहीं ले रहे. हमलोगों ने काफी सोच- विचार कर कदम बढ़ाया है। किसी को चिंता करने की बात नहीं है. बिहार में सुंदर टाउनशिप बसेगा।
विनय कुमार ने कहा-टाउनशिप में जो जमीन ली जायेगी उसे डेवलप किया जायेगा। फिर से 55 फीसदी जमीन को वापस कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जो सेटेलाइट सिटी बसाये जा रहे हैं, उसके अंदर की डेवलप जमीन की कीमत दस गुणी बढ़ जायेगी। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि, अगर आपके जमीन की कीमत 1 लाख की है, लैंड पुलिंग के तहत वो जमीन 10 लाख की हो जायेगी। इसका 55 फीसदी हिस्सा आपको वापस कर दिया जायेगा।
नगर एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव ने कहा-सेटेलाइट टाउनशिप में कोई जमीन आगे या पीछे की नहीं होगी। हर एक प्लॉट के साथ चौड़ी सड़क,ड्रेनेज, सीवरेज सिस्टम और बिजली हर हाल में होगी। सड़क निर्माण पर 22 फीसदी जमीन का पार्ट खर्च होगा। उन्होंने बताया कि राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट सिटी बसाने का निर्णय लिया गया है। सरकार जिस जमीन को डेवलप करेगी ,उस जमीन की कीमत आज के दर से 10 गुना अधिक बढ़ जाएगी। सैटलाइट टाउनशिप में 5% जमीन इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन के लोगों को भी बसने के लिए दी जाएगी।
बता दें कि सरकार इस साल अक्टूबर-नवंबर तक इन सैटेलाइट टाउनशिप का ड्राफ्ट प्लान जारी करेगी। इसके साथ ही बिहार के 43 शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है। किसानों को जमीन के बदले बाजार दर का चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।
इसके अलावा किसानों को विकसित जमीन में भी हिस्सा मिलेगा। सरकार के मुताबिक, किसानों की कुल जमीन का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा डेवलप करके वापस दिया जाएगा, जिसमें सड़क, ड्रेनेज और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद होंगी। सरकार का दावा है किसैटेलाइन सिटी योजना से जमीन की कीमत में कम से कम 10 गुना तक बढ़ोतरी होगी, जबकि पुनपुन इलाके में यह बढ़ोतरी 20 गुना तक हो सकती है।