प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर बिहार में भी दिखने लगा है। पीएम ने देशवासियों से ईंधन की बचत करने और वाहनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। जिसके बाद सम्राट सरकार भी एक्टिव मोड में आ गयी है। बिहार सरकार ने ईंधन बचत को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की गई है। जबकि सरकारी और निजी दफ्तरों में “वर्क फ्रॉम होम” संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है, ताकि रोजाना होने वाली आवाजाही को कम किया जा सके।
सीएम कारकेड में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला किया गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने का निर्देश दिया है। जबकि जनता से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट कर फैसलों की जानकारी दी है। सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए ऊर्जा बचत और संसाधनों का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी हो गया है।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है। इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। जिसमें मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है।
वहीं मंत्री गण, निगम बोर्ड के अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण, सभी पदाधिकारी गण एवं जनप्रतिनिधि गण से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है। राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है।
सीएम सम्राट ने राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है। सम्राट चौधरी ने सरकारी तथा निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। साथ ही सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से 'नो व्हीकल डे' के आयोजन का आग्रह किया गया है।