बिहार में जमीन और फ्लैट खरीदना होगा महंगा! बढ़ सकता है जमीन का सर्किल रेट, मंत्री मदन सहनी का बड़ा बयान

बिहार के लोगों के लिए बड़ी खबर है। अब जमीन खरीदना महंगा हो सकता है। जमीन का सरकारी मूल्य यानी सर्किल रेट बढ़ाने की बात चल रही है। इससे जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री दोनों महंगी हो सकती हैं।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 09, 2026, 12:39:00 PM

बिहार के लोगों के लिए बड़ी खबर है। अब जमीन खरीदना महंगा हो सकता है। जमीन का सरकारी मूल्य यानी सर्किल रेट बढ़ाने की बात चल रही है। इससे जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री दोनों महंगी हो सकती हैं। मंत्री मदन सहनी ने संकेत दिया है कि जमीन का सर्किल रेट बढ़ सकता है।   

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग मंत्री मदन सहनी ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आखिरी बार वर्ष 2013 में सर्किल रेट में बदलाव किया गया था, जबकि शहरी क्षेत्रों में 2016 में दरों को संशोधित किया गया था। उसके बाद से जमीन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकारी दरें लगभग स्थिर बनी रहीं। अब विभाग पूरे मामले की समीक्षा करेगा और जरूरत के अनुसार नई दरें तय की जाएंगी।

मदन सहनी का कहना है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ है। गांवों तक सड़क नेटवर्क पहुंच चुका है और सड़क किनारे की जमीनों की बाजार कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में अब भी पुराने सर्किल रेट लागू हैं। ऐसे में बाजार मूल्य और सरकारी मूल्य के बीच बड़ा अंतर हो गया है। सरकार अब इसी अंतर को कम करने की दिशा में काम करेगी ताकि राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सके।

उन्होंने जमीन की खरीद-बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि कई जगहों पर बाजार मूल्य अधिक होने के बावजूद लोग कम सर्किल रेट पर रजिस्ट्री कराकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाते हैं। नए बदलाव के बाद ऐसी गड़बड़ियों पर भी रोक लग सकेगी। साथ ही मंत्री मदन सहनी ने विभागीय अधिकारियों को तकनीक के अधिक इस्तेमाल का निर्देश भी दिया है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालयों में लोगों को पुराने दस्तावेज खोजने में काफी परेशानी होती है। ऐसे में रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

बता दें कि सर्किल रेट में वृद्धि से राज्य सरकार को निबंधन और स्टांप शुल्क के जरिए अधिक राजस्व प्राप्त होगा। हालांकि आम लोगों के लिए घर या जमीन खरीदना और महंगा हो जाएगा। इससे मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों की योजनाओं पर असर पड़ सकता है। पहले ही बिहार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने राज्य में जमीन और फ्लैट की न्यूनतम मूल्य पंजी (MVR) को बाजार दर के करीब लाने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली है।