घर आजा परदेशी...बिहार में औद्योगिक क्रांति की आहट, आ रही बड़ी-बड़ी कंपनियां, एक महीने में कई बड़े फैसले

बिहार में औद्योगिक क्रांति की आहट दिखने लगी है। नए उद्योग लगने शुरू हो गए हैं। खासकर अदानी समूह की 60 हजार करोड़ रुपये तक निवेश की घोषणा ने बिहार की औद्योगिक संभावनाओं को चर्चा में ला दिया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 18, 2026, 4:52:00 PM

बिहार में औद्योगिक क्रांति की आहट दिखने लगी है। नए उद्योग लगने शुरू हो गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में बिहार सरकार ने औद्योगिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। जिसका असर दिखने लगा है। कई बड़े औद्योगिक समूह राज्य में नई यूनिट स्थापित करने या मौजूदा सुविधाओं के विस्तार पर विचार कर रहे हैं। पिछले एक महीने में कई ऐसे फैसले और घोषणाएं हुई हैं, जिन्होंने बिहार के औद्योगिकरण के साथ विकास की नई उम्मीद जगाई है। खासकर अदानी समूह की 60 हजार करोड़ रुपये तक निवेश की घोषणा ने बिहार की औद्योगिक संभावनाओं को चर्चा में ला दिया है। इस बीच सीएम सम्राट चौधरी ने भी बिहार से बाहर रह रहे लोगों सेअपील की कि वे अपने राज्य लौटें और यहां उद्योग स्थापित करें। सीएम ने कहा कि बिहार अब औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई बड़े उद्योगपति बिहार आने लगे हैं और राज्य में निवेश का माहौल बन रहा है। 

राज्य के औद्योगिक विकास के लिए अडानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अदानी की 60 हजार करोड़ रुपये तक निवेश किए जाने की घोषणा बिहार के विकास को लेकर एक बड़ा निर्णय साबित हो सकता है। रविवार (17 मई) को अडानी ग्रुप ने 150 करोड़ की लागत से अखंड ज्योति अस्पताल सारण में शिलान्यास भी कर दिया है। बीते एक महीने (15 अप्रैल से अब तक) में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार की सरकार ने कई ऐसे निर्णय किए हैं जो बिहार में औद्योगिकरण का मार्ग प्रशस्त करता हुआ नजर आ रहा है। हाजीपुर में निफ्टेम, सारण में अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के अतिरिक्त कई ऐसे फैसले हुए हैं जो बिहार के विकास में मिल का पत्थर साबित हो सकते हैं। 

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में पहले से 1.36 लाख करोड़ रुपये के निवेश आए हैं और अगले एक साल में यह 5 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी ने बिहार में अगले 3 से 4 वर्षों में 50 हजार से 60 हजार करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की। निवेश ऊर्जा, सड़क, गैस वितरण, सीमेंट, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित है। अदानी समूह पहले से भागलपुर के पीरपैंती में करीब 27 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट का अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट बना रहा है. इसे बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़े निजी निवेशों में गिना जा रहा है।

अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के विस्तार और ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्क के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास हुआ। इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में सस्ती आंखों की चिकित्सा सुविधा बढ़ाने की योजना है। हाजीपुर में देश का तीसरा निफ्टेम (NIFTEM) यानी राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान स्थापित करने के लिए 100 एकड़ जमीन मुफ्त देने को बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दी। इससे फूड प्रोसेसिंग, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बिहार राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड यानी SIPB की 67वीं बैठक में 2484 करोड़ रुपये के 16 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से राज्य में मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार बढ़ाने की उम्मीद जताई गई है। देश की दिग्गज सीमेंट कंपनियों डालमिया और अंबुजा सीमेंट को राज्य में बड़ी निर्माण इकाइयां स्थापित करने की अंतिम मंजूरी दे दी गई है। मुजफ्फरपुर और किशनगंज में बनने वाली इन परियोजनाओं से बिहार के औद्योगिक विकास को नई पहचान मिलने के साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बियाडा (BIADA) ने 19 औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित करने की सिफारिश की। इन परियोजनाओं में करीब 284 करोड़ रुपये निवेश और कई रोजगार सृजन का अनुमान है।