UPSC का बड़ा फैसला, अब प्रीलिम्स के तुरंत बाद जारी होगा प्रोविजनल आंसर-की

UPSC का बड़ा फैसला, अब प्रीलिम्स के तुरंत बाद जारी होगा प्रोविजनल आंसर-की

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Oct 04, 2025, 4:10:00 PM

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की (Answer Key) जारी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में दी और बताया कि यह बदलाव परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में है।

अभ्यर्थियों की पुरानी समस्या

हर वर्ष करीब 5 लाख से अधिक अभ्यर्थी सिविल सेवा प्रीलिम्स में शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से केवल 12–15 हजार ही मुख्य परीक्षा तक पहुँच पाते हैं। अभ्यर्थियों का कहना था कि फाइनल आंसर-की केवल परिणाम घोषित होने के बाद आने से उन्हें यह तय करने में कठिनाई होती थी कि आगे मुख्य परीक्षा की तैयारी करें या अगले वर्ष की प्रीलिम्स की ओर ध्यान दें।

नई प्रक्रिया में क्या बदलेगा?

अब आयोग प्रीलिम्स के बाद प्रोविजनल आंसर-की उपलब्ध कराएगा। उम्मीदवार अगर किसी प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति जताना चाहें तो उन्हें कम से कम तीन प्रामाणिक स्रोत प्रस्तुत करने होंगे। इन आपत्तियों की समीक्षा विशेषज्ञ समिति करेगी। इसके आधार पर फाइनल आंसर-की तैयार की जाएगी और परिणाम घोषित होंगे।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

यूपीएससी ने सर्वोच्च न्यायालय से इस नीति बदलाव को मान्यता देने और संबंधित लंबित याचिकाओं का निपटारा करने का आग्रह किया है। कोर्ट में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को हो सकती है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि अन्य संस्थानों—जैसे राज्य लोक सेवा आयोग, आईआईटी और आईआईएम—की तरह यूपीएससी को भी तुरंत आंसर-की जारी करनी चाहिए। उनका कहना था कि यह कदम न केवल परीक्षार्थियों बल्कि जनता के हित में भी है, क्योंकि सिविल सेवाएँ देश के प्रशासन की रीढ़ हैं।

अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया

दिल्ली में तैयारी कर रहे उम्मीदवार दक्ष शर्मा ने कहा, “यह निर्णय हमारे लिए बेहद राहत देने वाला है। अब हमें अपनी स्थिति साफ समझ आएगी कि मुख्य परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना है या अगली प्रीलिम्स की तैयारी शुरू करनी है।”

परीक्षा का महत्व

सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाती है। इसमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए चयन किया जाता है। यह परीक्षा तीन स्तरों—प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू—में होती है। अंतिम चयन सूची मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों पर आधारित होती है।

पारदर्शिता की ओर नया कदम

यूपीएससी का यह नया फैसला न केवल उम्मीदवारों को पारदर्शिता और निष्पक्षता का भरोसा देता है, बल्कि भावी नौकरशाहों के चयन को और अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी साबित होगा।