सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने को तैयार! संसद मार्च से पहले बड़ा ऐलान, सरकार के सामने रखी 3 शर्तें

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 20, 2026, 11:50:00 AM

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आज कॉकरोच जनता पार्टी हजारों की भीड़ के साथ संसद मार्च करने जा रही है। इस बीच सोनम वांगचुक ने भी अपने अनशन को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सोनम वांगचुक ने आज ऐलान किया है कि वे 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर देंगे. हालांकि, उन्होंने इसके लिए मोदी सरकार के सामने 3 शर्तें रखी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर अपनी शर्तें बताई है। 

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया, 'मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा मगर इसके लिए मेरी तीन शर्तें है। 

1. सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले, या

2. मैं और CJP की लीडरशिप संसद तक पहुंचें और वहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाएं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे, या

3. अगर मेरी सेहत या कोई और वजह इसकी इजाजत न दे, तो अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर ऊपर बताया गया भरोसा दिलाएं। 

उन्होंने आगे लिखा है-सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी नजरबंदी से, जहां मेरे आने-जाने, बोलने और बातचीत करने की आजादी पर रोक लगी हुई है। 

आज 20 जुलाई को CJP द्वारा संसद तक प्रस्तावित मार्च की खबरों के बीच दिल्ली में जंतर-मंतर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।  कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ आज सुबह 9 बजे हजारों की संख्या में युवा और जनता संसद मार्च करने जा रही है। 

वांगचुक ने अपनी पोस्ट में यह भी दावा किया कि यह संदेश उन्होंने 19 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में अपनी 'गैरकानूनी नजरबंदी' के दौरान लिखा, जहां उनके अनुसार उनके घूमने-फिरने, बोलने और लोगों से बातचीत करने की स्वतंत्रता पर रोक लगी हुई है। 

इससे पहले शनिवार देर रात सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा था कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता सोमवार को सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर वांगचुक को यह आश्वासन देते हैं कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे, तभी वह अपना अनशन समाप्त करेंगे। 

आंगमो ने कहा था, 'सोनम अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल में उनसे मिलकर यह आश्वासन देंगे कि वे संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे'। 

अनूप नारायण सिंह